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Written By: Agencies | Published : October 30, 2014 11:53 AM IST
इलाज के बावजूद अगर दमा नियंत्रित नहीं हो रहा हो, तो विटामिन डी की जांच कराएं। क्योंकि दमा के मरीज में विटामी डी की कमी को पूरा कर उन्हें दमा के दौरे से बचाया जा सकता है। इजरायल में हुए शोध में यह बात सामने आई है। तेल अवीव विश्वविद्यालय के चिकित्सा विभाग के डॉ.रोनित कॉनफिनो-कोहेन ने कहा, 'विटामिन डी का महत्वपूर्ण इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव होता है और माना जाता है कि इसका दमा पर प्रभाव पड़ता है।'
शोध के लिए डॉ.कॉनफिनो-कोहेन ने क्लैलिट हेल्थ सर्विसेज द्वारा उपलब्ध कराए गए लगभग 40 लाख लोगों के चिकित्सकीय आंकड़ों का विश्लेषण किया। वर्ष 2008-12 के बीच 307,900 लोगों में विटामिन डी के स्तर को मापा गया। डॉ.कॉनफिनो-कोहेन ने कहा, 'निष्कर्ष में विटामिन डी तथा दमा के बीच संबंध की बात सामने आई है। गंभीर दमा की स्थिति में विटामिन डी का प्रभाव लाभदायक पाया गया।'
निष्कर्ष के आधार पर शोधकर्ताओं ने सिफारिश की है कि अगर इलाज के बावजूद दमा नियंत्रित नहीं हो रहा हो, तो वैसे लोगों को विटामिन डी की जांच करानी चाहिए।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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