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Written By: Agencies | Published : December 9, 2014 11:56 AM IST
मौसम के अनुसार मनुष्य को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। बढ़ती ठंड हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है, क्योंकि तमाम बीमारियां ठंड में प्रभाव दिखाना शुरू कर देती हैं। ये बातें यहां के वरिष्ठ चेस्ट फिजीशियन डॉ. डी.एस. यादव ने एक गोष्ठी के दौरान कही। ठंड के मौसम में होने वाली बीमारियों के बारे में उन्होंने बताया कि इसका मुख्य कारण तापमान कम और हवा में नमी का होना है। इसमें मरीज को सिरदर्द, थकार, बुखार होने के साथ ही नाक में स्राव होता है। गले में खसरा तो सर्दियों में आम बात है जो महज वायरस से होने वाली बीमारी है। पढ़े- विटामिन डी और दमा के बीच संबंध
डॉ. यादव ने कहा कि ठंड में दमा का अटैक बढ़ जाता है, क्योंकि गले में ठंड लग जाती है, जिसके प्रभाव से सांस की नली सिकुड़ जाती है और मरीज की सांस फूलने लगती है। कोल्ड डायरिया के बारे में उन्होंने बताया कि इसके लगने से उल्टी व दस्त होती है। ठंडी में जोड़ों का दर्द होना तय है, क्योंकि इस मौसम में व्यायाम करना लोग कम कर देते हैं। पढ़े- घर के प्रदूषण से बच्चों को हो सकता है दमा और हे फीवर का खतरा
उन्होंने बताया कि सर्दी के मौसम में हार्टअटैक का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि खून की नलियां सिकुड़ने लगती हैं, जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है। कोल्ड हैंड नामक बीमारी के बारे में उन्होंने बताया कि इसको रेनाड फिनामेना भी कहते हैं। उन्होंने सलाह दी कि हार्ट के मरीज अपनी दवाएं नियमित लें तथा सांस के पुराने रोगी टीकाकरण अपने चिकित्सक के सलाह से कराएं। पढ़े- पाँच प्राकृतिक पदार्थों के द्वारा हृदय को रखें तंदुरूस्त
डॉ. यादव ने कहा कि इस बीमारी का कारण है हाथ-पैर की अंगुलियों में खून का संचार कम होना। इन बीमारियों से बचने का उपाय बताते हुए उन्होंने कहा कि गर्म कपड़े पहने जाए, पैर, नाक व कान को ढककर रखें, सफाई पर विशेष ध्यान दें, डिस्पोजल सामान का प्रयोग करें, विटामिन 'सी' युक्त फल सहित जूस, पानी, सूप का ज्यादा प्रयोग करें।
रोग से बचाव के उपाय बताते हुए डॉ. यादव ने कहा कि तले-भूने व ज्यादा मसालेदार चीजें न खाएं, धूम्रपान का सेवन एकदम न करें, एलर्जिक मरीज बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें तथा दमा व एलर्जी के मरीज ए सी व ठंडे पानी से बचें।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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