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Written By: Agencies | Published : October 30, 2014 6:54 PM IST
आंध्र प्रदेश की राजधानी स्थित केयर अस्पताल में चिकित्सकों ने एक अजन्मे बच्चे का माता के भ्रूण में दिल का ऑपरेशन (फीटल हर्ट प्रॉसिड्योर) किया है। दावे के मुताबिक भारत में इस तरह का यह पहला ऑपरेशन है। मुख्य हृदय रोग विशेषज्ञ (शिशु) डॉ.के.नागेश्वर राव के नेतृत्व में आठ चिकित्सकों के दल ने 27 सप्ताह की गर्भवस्था वाले शिशु का ऑपरेशन किया। जांच के दौरान पता चला था कि 25 वर्षीय शिरिशा के गर्भ में पल रहे बच्चे के महाधमनी वॉल्व (एओरटिक वॉल्व) में रुकावट है, जिसके कारण बायां निलय (लेफ्ट वेंट्रिकिल) शरीर को रक्त पंप करने में असमर्थ था। मिटरल वॉल्व में भी क्षति की बात सामने आई, साथ ही दिल का बायां चैंबर सिकुड़ गया था।
ढाई घंटे तक चले इस ऑपरेशन को 30 सदस्यीय चिकित्सकीय दल ने एक आयातित सूई से अंजाम दिया। जब गर्भ 26 सप्ताह का था, तब इस ऑपरेशन में चिकित्सकों को विफलता मिली थी, क्योंकि पेट में बच्चे की स्थिति प्रतिकूल थी। उपयुक्त बैलून तथा वायर के माध्यम से महाधमनी वॉल्व को चौड़ा किया गया। चिकित्सकों ने दावा किया है कि शिशु लगभग सामान्य है। राव ने कहा, '99 फीसदी रुकावट को कम कर हमने उसे 60 फीसदी पर ला दिया है, जो बाएं निलय के सामान्य विकास के लिए पर्याप्त है।' चिकित्सकों ने कहा कि अगर दूसरे बैलून डाइलेशन की जरूरत पड़ती है, तो उसे बच्चे के जन्म के बाद किया जाएगा।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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