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Written By: Agencies | Published : October 16, 2014 12:36 PM IST
फल मक्खियों की नाक मादक तथा विस्फोटक पदार्थो का पता उससे निकलती गंध के आधार पर लगा सकती हैं। हालिया अध्ययन में यह खुलासा हुआ है। मादक पदार्थो व बम का पता लगाने के लिए एक नई प्रौद्योगिकी में मक्खियों की घ्राण क्षमता का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस अध्ययन ने वैज्ञानिकों को इलेक्ट्रॉनिक नाक (ई-नोज) के विकास के निकट ला दिया है, जो जानवरों के संवेदनशील घ्राण क्षमता के जैसी होगी। ब्रिटेन के ससेक्स विश्वविद्यालय में मुख्य शोधकर्ता प्रोफेसर थॉमस नोवोत्नी ने कहा, 'अपरिचित गंध की मक्खी न केवल पहचान करने में सक्षम है, बल्कि इस काम को वह पूरी सूक्ष्मता से अंजाम देती है।'
शोधकर्ताओं ने शोध के दौरान दर्ज किया कि फल मक्खी में मौजूद 20 विभिन्न संग्राहक तंत्रिकाएं शराब से संबंधित 36 रसायनों तथा हानिकारक पदार्थो से संबंधित 35 रसायनों के प्रति प्रतिक्रिया व्यक्त करती हैं। मक्खी ने मादक तथा विस्फोटक के 35 में से 21 पदार्थो के प्रति प्रतिक्रिया दी। नोवोत्नी ने कहा, 'इस शोध का मूल उद्देश्य ई-नोज का विकास करना है।'
यह अध्ययन पत्रिका 'बायोइंस्पाइरेशन एंड बायोमिमेटिक्स' में प्रकाशित हुआ है।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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