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Written By: Agencies | Published : October 28, 2014 3:17 PM IST
भारत में पहली बार एपीएचआरएस वैज्ञानिक सत्र का आयोजन किया जा रहा है जिसमें दुनिया के सबसे ज्यादा हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डिएक इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट) हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में 1500 से भी ज्यादा जाने-माने हृदयरोग विशेषज्ञ, फिजिशियन और छात्र हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में दुनिया भर के अग्रणी फैकल्टी द्वारा 200 वैज्ञानिक सत्र आयोजित होंगे जो ईसीजी, सडन कार्डिएक डेथ, हार्ट फेलियर और हृदय के इलाज संबंधी अन्य तकनीकी विकास जैसे विषय शामिल होंगे। इस वार्षिक कार्यक्रम का आयोजन एशिया पैसिफिक हार्ट रिदम सोसायटी और इंडियन हार्ट रिदम सोसायटी द्वारा संयुक्त रूप से नई दिल्ली ताज पैलेस और मौर्या होटल में 29 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच होगा। इस सम्मेलन का प्राथमिक उद्देश्य चिकित्सकों, शोधकतरओ और इस क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगों के लिए एक मंच मुहैया कराना है। कार्यक्रम में दुनिया भर से आए एरिदमिया और इलेक्ट्रोकार्डियोलॉजी के विशेषज्ञ अपने अनुभव बांटेंगे और एक छत के नीचे इस क्षेत्र में हुई दुनिया भर की उपलब्धियों पर चर्चा करेंगे।
कार्यक्रम के बारे में बताते हुए 7वें एशिया एपीएचआरएस वैज्ञानिक सत्र की आयोजन समिति के अध्यक्ष और साकेत सिटी हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी अध्यक्ष डॉ. मोहन नायर ने कहा, 'यह एक ऐसा कार्यक्रम है जिसमें दुनिया भर के सबसे ज्यादा कार्डिएक इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट हिस्सा लेते हैं। उन्होंने बताया कि एपीएचआरएस वैज्ञानिक सत्र में इस बार रिदम संबंधी बीमारियों की जांच और इलाज के क्षेत्र में हुए नए विकास और नई तकनीकों पर चर्चा होगी।' उल्लेखनीय है कि पिछले एपीएचआरएस का आयोजन हांगकांग, सिंगापुर, चीन, कोरिया, जापान और ताइवान में किया जा चुका है। अगले साल यह सम्मेलन मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया) में नवंबर 2015 में होगा।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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