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Written By: Agencies | Updated : February 3, 2016 11:30 AM IST
दवा प्रतिरोधी ल्यूकेमिया (रक्त कैंसर) के मरीजों के इलाज में शोधकर्ताओं को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। गुर्दे के कैंसर में इस्तेमाल की जाने वाली एक दवा इस भयंकर बीमारी के इलाज में कारगर पाई गई है। अध्ययन में यह बात सामने आई कि दवा प्रतिरोधी कुछ प्रकार के रक्त कैंसर में फाइजर की एक्सिटीनिब प्रभावी रूप से काम करता है।
इंस्टीट्यूट फॉर मोलेक्यूलर मेडिसिन फिनलैंड के शोधकर्ताओं ने क्रॉनिक माइलोजेनस तथा एक्यूट लिंफोब्लास्टिक ल्यूकेमिया (सीएमएल एंड एएलएल) के उन मरीजों की कैंसर कोशिकाओं का अध्ययन किया, जो उपलब्ध दवाओं के प्रति प्रतिरोध विकसित कर चुके थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि गुर्दे के कैंसर के इलाज में कारगर एक्सिटीनिब (टाइरोसिन काइनेज इनहीबिटर) ने दवा प्रतिरोधक रक्त कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने में अपनी प्रभावी भूमिका निभाई।
अध्ययन के प्रमुख लेखक तथा फाइजर शोध फेलो ब्रियॉन मुर्रे ने कहा, 'एक्सिटीनिब गुर्दे के कैंसर तथा रक्त कैंसर के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।' एक अन्य प्रमुख लेखक व हेलसिंकी यूनिवर्सिटी सेंट्रल हॉस्पिटल में रुधिर विज्ञान की प्रमुख किम्मो पोरका ने कहा, 'चूंकि एक्सिटीनिब का इस्तेमाल कैंसर के इलाज के लिए पहले से ही किया जा रहा है, इसलिए इसका इस्तेमाल करने में कोई परेशानी नहीं है।'
यह निष्कर्ष ऑनलाइन पत्रिका 'नेचर' में प्रकाशित हुआ है।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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