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Written By: Agencies | Updated : February 3, 2016 11:49 AM IST
वैज्ञानिकों के एक दल ने इस रहस्य से पर्दा उठाया है कि 7,86,000 वर्ष पहले हुआ पृथ्वी का अंतिम चुंबकीय व्युत्क्रम (रिवर्सल) वास्तव में बेहद तेजी से 100 वर्ष से भी कम समय में हुआ था। आज के दौर में अगर इस तरह का व्युत्क्रम हुआ, तो इसका परिणाम मनुष्यों पर कैंसर का कहर के रूप में सामने आएगा। अमेरिका में बर्कले स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ता ने कहा, 'चूंकि पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र जीवों को सूर्य तथा ब्रह्मांडीय किरणों में मौजूद ऊर्जावान कणों से बचाता है। इन कणों से कोशिकाओं में अनुवांशिक परिवर्तन होता है, जो कैंसर का कारण बनता है। पृथ्वी के स्थायी व्युत्क्रम के पहले चुंबकीय क्षेत्र के कमजोर या अस्थायी तौर पर खत्म होने से कैंसर का जोखिम बेहद बढ़ सकता है।' पढ़े: त्वचा से होगी कैंसर की सुरक्षा
यह खोज ऐसे समय में सामने आई है, जब नए सबूत से यह संकेत मिलता है कि पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र सामान्य से 10 गुना ज्यादा तेजी से घट रहा है, जिससे भूभौतिकशास्त्री यह अंदाजा लगा रहे हैं कि आगामी कुछ हजार वर्षो में ही पृथ्वी का चुंबकीय व्युत्क्रम होने वाला है।पढ़े: बिच्छू के विष से मस्तिष्क के कैंसर का हो सकता है इलाज
यह अध्ययन पत्रिका 'जियोफिजिकल जर्नल इंटरनेशनल' में प्रकाशित हुआ है।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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