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Written By: Agencies | Published : October 9, 2014 12:15 PM IST
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बुधवार को यहां कहा कि देश में मानसिक बीमारियों के बोझ का कुछ अनुपात बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तय किया है कि वह मानसिक स्वास्थ्य पर पहली आधिकारिक राष्ट्रीय नीति तैयार करेगी। आगरा में 155 साल पुराने मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय का दौरा करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वह उन घटनाओं से काफी विचलित हुए हैं जो मानसिक रोगियों के जीवन में घटीं हैं। उन्होंने कहा कि मानसिक रोगियों के इलाज के तौर-तरीकों में काफी प्रगति हुई है और उनके ठीक होने की दर भी बढ़ी है। लेकिन दुर्भाग्य से समाज में मनोरोग संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को कलंक के तौर पर देखा जाता है। ऐसी स्थिति में उनके इलाज में या तो देरी होती है या फिर इलाज से इंकार कर दिया जाता है। हमें इस तरह के पूर्वाग्रह को खत्म करने के लिए एक सामाजिक आंदोलन और मानसिक बीमारियों के मानवीय आयाम पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।
हर्षवर्धन ने घोषणा की है कि अब से पूरे देश में 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाएगा। हर्षवर्धन ने कहा, 'इस दिन लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्हें मानसिक बीमारियों के बारे में बताकर उनकी गलत धारणाओं को खत्म किया जाएगा। हम ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना चाहते हैं जहां मानसिक रोगियों के भी मानव अधिकार हों।' विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक वर्ष 2020 तक भारत की 20 फीसदी जनसंख्या किसी न किसी तरह के मानसिक रोग से पीड़ित होगी। जबकि देश में सिर्फ 3,500 मनोरोग चिकित्सक हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि इस संबंध में एक राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य नीति बनाई जाएगी। इसमें इस क्षेत्र से जुड़े देश के सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञ शामिल होंगे। उन्होंने इस बात के भी संकेत दिए कि बेंगलुरू स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर मेंटल हेल्थ ऐंड न्यूरोलॉजिकल साइंसेज की तर्ज पर कई और संस्थान शुरू किए जाएंगे। इस संबंध में उन्होंने कहा कि आगरा चिकित्सालय के आधारभूत ढांचे व अध्यापन सुविधाओं को उन्नत करने के लिए केंद्र ने 28.8 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है।
मंत्री ने आगरा मेडिकल कॉलेज को एम्स जैसा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाने के लिए एक योजना की भी घोषणा की जिसके तहत इस संस्थान को उन्नत बनाने के लिए 200 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसमें से 170 करोड़ रुपये केंद्र देगा और शेष राशि राज्य सरकार देगी। पढ़े: डॉ. हर्षवर्धन ने भारत स्वच्छ अभियान में खुद भी कूड़ा उठाया
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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