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Written By: Mousumi Dutta | Updated : February 3, 2016 11:48 AM IST
स्तनाच्या कर्करोगाची शक्यता कमी होते- चहात ट्युमरशी सामना करण्याची क्षमता व पॉलिफोनाल हा अॅतन्टीऑक्सिडंट घटक असल्याने कर्करोगापासून बचाव होण्यास मदत होते. एका संशोधनानुसार, नियमित चहाचे सेवन करणार्यांटमध्ये स्तनांचा कर्करोग बळावण्याची शक्यता चहा न पिणार्यांरच्या तुलनेत सुमारे 21% कमी असते.
कैंसर शब्द दिमाग में आते ही एक ही छवि उभरती है -- कष्टदायक मृ्त्यु -- और इसी कारण कैंसर होने के समाचार मात्र से ही रोगी को जीवन के प्रति निराशा हो जाती है। लेकिन स्तन या ब्रेस्ट कैंसर के क्षेत्र में एक अच्छी बात यह है कि इसके ठीक होने की संभावना ज़्यादा होती है। स्तन कैंसर होने का पता साधारणतः पहले या दूसरे चरण में ही चल जाता है। इसलिए इसका इलाज सही समय पर हो पाता है। लेकिन इसके लिए ज़रूरी है हर किसी को इस बारे में सही जानकरी हो और वे सचेत हो। स्तन कैंसर से बचने का सबसे पहला कदम है जागरूकता। उसके बाद आता है इस रोग से बचने के उपाय। जीवनशैली में बदलाव और सचेतता ही आपको कष्टदायक स्तन कैंसर से बचा सकता है।
स्तन कैंसर होने के आम कारण:
• बढ़ती उम्र
• ज़्यादा उम्र में पहले बच्चे का जन्म
• आनुवांशिकता (heredity)
• शराब जैसे पेय पदार्थ का अधिक सेवन
• खराब जीवनशैली
स्तन कैंसर के आम लक्षण:
• स्तन या बाँह के नीचे गांठ होना
• स्तन से रस जैसे कुछ पदार्थ का निकलना
• निपल्स का मुड़ जाना
• स्तन में सूजन
• स्तन के आकार में बदलाव
• स्तन को दबाने पर दर्द न होना
कुछ ऐसे खाद्द पदार्थ हैं जिसके सेवन से स्तन कैंसर होने की संभावना को कुछ हद तक कम किया जा सकता है:
काली चाय: चाय एक ऐसा पदार्थ है जो आसानी से हर घर में पाया जाता है और लोकप्रिय पेय पदार्थ है। काली चाय में एपि गैलो कैटेचिन गैलेट नाम का रसायन होता है जो स्तन कैंसर से शरीर को सुरक्षा प्रदान करता है। यह स्तन में ट्यूमर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है।
परन्तु एक अध्ययन से यह पता चला है कि जो लोग बहुत गर्म काली चाय पीते है उनमें स्तन कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। गर्म तापमान कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने में मदद करते हैं। इसलिए गुनगुना गर्म चाय पीना सेहत के लिए अच्छा होता है।
खट्टे फल: खट्टे फलों में फाइटोकेमिकल्स होते हैं जो कैंसर की कोशिकाओं को विकसित होने से रोकने में मदद करते हैं। खट्टे फलों में सेब, अंगूर,पीच, नाशपाती, केला आदि का सेवन करने से ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना कुछ हद तक कम हो जाती है।
ग्रीन टी: ग्रीन टी में एन्टी-इन्फ्लैमटॉरी गुण होता है जो स्तन कैंसर को बढ़ने से रोकने में मदद करता है। एक गिलास पानी में चाय के कुछ पत्ते डालकर तब तक उबाले जब तक कि वह सूख कर आधा न हो जाय। उसके बाद पी लें।
दूध और दही: दूध और दही में विटामिन डी होता है जो स्तन कैंसर के कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है।
गेहूँ की घास (wheat grass): गेहूँ की घास स्तन कैंसर के रोगी के लिए सबसे अच्छा खाद्द पदार्थ होता है जो कैंसर के कोशिकाओं के वृद्धि को रोकने में मदद करता है। यह प्रतिरक्षी तंत्र (immune system) को उन्नत करने के साथ-साथ शरीर से विषाक्त पदार्थों और अवांछित पदार्थों को निकालने में मदद करता है।
लहसुन: लहसुन प्रतिरक्षी तंत्र को उन्नत करके स्तन कैंसर से लड़ने में मदद करता है।
स्तन कैंसर को रोकने के उपाय:
• ज़्यादा मात्रा में ध्रूमपान का सेवन न करें
• शारीरिक रूप से ज़्यादा सक्रिय हो, व्यायाम आदि नियमित रूप से करें
• कम मात्रा में रेड मीट का सेवन करें
• नमक का सेवन कम करें
• सूर्य के तेज किरणों के प्रभाव से बचें
• गर्भनिरोधक गोलियों (contraceptive pill) का लगातार सेवन डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही करें
इन बातों का ध्यान रखें और स्तन कैंसर के खतरे को कम करें।
चित्र स्रोत: Getty images
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