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Written By: Agencies | Published : October 30, 2014 12:57 PM IST
महिलाओं में बांझपन के इलाज के क्षेत्र में जल्द ही नई पहल सामने आने वाली है। शोधकर्ताओं ने एक महिलाओं में प्रजनन क्षमता को संचालित करने वाली जैविक समय सारणी का पता लगाया है। एक अध्ययन में पता चला है कि गर्भाशय में अंडे को पोषित करने वाला प्राथमिक फोलिकल के ग्रैनुलोसा सेल जैविक समय सारणी की तरह काम करते हैं और मेनोपॉज के प्रारंभ की प्रक्रिया पर नजर रखते हैं।
मेनोपॉज की शुरुआत उस बिंदु से प्रभावित होती है, जहां गर्भाशय अंडे प्रेषित करता है। शोधकर्ताओं ने पता लगाया कि ग्रैनुलोसा सेल अपरिपक्व अंडों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्वीडन की यूनिवर्सिटी ऑफ गॉथेनबर्ग में शोधकर्ता क्वी लियु ने कहा, 'यह प्रक्रिया ग्रैनुलोसा सेल को अंडों के परिपक्व होने और नष्ट होने का समय निर्धारित करने में सक्षम बनाती है। इस दशा में वे जैविक समय सारणी की भूमिका निभाते हैं, जो मेनोपॉज की शुरुआत पर निगरानी रखती है।' यह शोध इस रहस्य पर प्रकाश डाल सकती है कि कुछ महिलाएं 50 की उम्र में भी कैसे सफलतापूर्वक गर्भधारण करती हैं, जबकि कुछ को 30 की उम्र में भी गर्भधारण करने में मुश्किलें आती हैं।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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