पीठ का दर्द खतरे का संकेत

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Written By: Agencies | Published : October 16, 2014 12:50 PM IST

पीठ दर्द की समस्या को नजरंदाज करने की आपको भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है, क्योंकि हालिया अध्ययन में यह बात सामने आई है कि भारत के अधिकतर लोग पीठ दर्द को शुरुआती दिनों में नजरंदाज करते हैं और स्थिति गंभीर होने पर ही चिकित्सकीय मदद लेते हैं। विश्व मेरुदंड दिवस (16 अक्टूबर) पर चिकित्सकों ने चेतावनी स्वरूप कहा है कि पीठ दर्द होने पर दर्द निवारक दवा लेना इसका समाधान नहीं है। मधुमेह की ही तरह पीठ का दर्द हमारे शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित करता है तथा समय बीतने के साथ ही वह बेहद गंभीर होता चला जाता है।

क्यूआई स्पाइन क्लीनिक के निथिज अरेंजा ने कहा, 'यह समझना जरूरी है कि पीठ का दर्द खतरे का संकेत है।' अरेंजा ने कहा, 'पीठ का दर्द गंभीर चिकित्सकीय समस्या का संकेत हो सकता है, हालांकि यह मूल कारण नहीं हो सकता।' करीब 7,968 मरीजों के चिकित्सकीय आंकड़ों के अध्ययन के बाद शोधकर्ता इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि 56 फीसदी लोगों ने पीठ दर्द में चिकित्सकीय मदद लेने में एक से डेढ़ महीने का समय लिया।

निष्कर्ष के मुताबिक, पीठ दर्द के गंभीर होने का वर्ल्डवाइड ट्रेंड 20 फीसदी है, जबकि भारत में 56 फीसदी मरीज पीठ दर्द की समस्या के गंभीर स्थिति में पहुंचने के बाद चिकित्सकीय सलाह के लिए पहुंचते हैं।

स्रोत: IANS Hindi

चित्र स्रोत: Getty images


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