स्तन कैंसर के खतरे को कम करने के लिए जागरूकता ज़रूरी

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Written By: Agencies | Updated : February 3, 2016 11:48 AM IST

भारत में प्रतिवर्ष स्तन कैंसर के 1.5 लाख मामले देखने को मिलते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने शनिवार को कहा कि इससे पहले कि यह बीमारी समाज में घातक रूप से फैले, लोगों को स्तर कैंसर के प्रति ज्यादा जागरूक करने की आवश्कता है। अमृता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के निदेशक प्रेम नायर ने कहा, 'स्तन कैंसर का शुरुआती चरण में ही पता लगाने के लिए जरूरी है कि लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाए, ताकि बीमारी के घातक रूप लेने से पहले कई जिंदगियों को बचाया जा सके।'

नायर यहां 'स्तर कैंसर प्रबंधन के व्यवहारिक मुद्दे' विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में बोल रहे थे। यह संगोष्ठी स्तन कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक बनाने के मकसद से आयोजित की गई थी। संगोष्ठी में राज्य भर से ऑन्कोलॉजिस्ट और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ भी शामिल हुए थे। संगोष्ठी में संस्थान ने 50 से ऊपर उम्र की 100 महिलाओं के लिए मुफ्त मैमोग्राम स्क्रीनिंग भी रखा। अमृता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के ऑन्कोलोजी विभाग के प्रमुख के. पवित्रन ने कहा, 'संस्थान में स्तर कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध है।' भारत में स्तर कैंसर के मामले काफी बढ़ रहे हैं और देश में इस समय कैंसर से मरने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर एक प्रमुख कारक है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के ग्लोबोकॉन डेटा 2012 के अनुसार, हर साल स्तन कैंसर के लगभग 1.5 लाख मामले देखने को मिलते हैं और करीब 70,000 महिलाओं की मौत स्तन कैंसर से होती है।

स्रोत: IANS Hindi

चित्र स्रोत: Getty images


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