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Written By: Agencies | Published : September 12, 2014 5:16 PM IST
अध्ययन के अनुसार शहरी क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को वायु प्रदूषण के कारण मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर बीमारियों जैसे अल्जाइमर और पार्किंसन का जोखिम ज्यादा होता है। अमेरिका के मोंटाना विश्वविद्यालय में शोधकर्ताओं ने पाया कि वायु में मौजूद घातक कण शरीर की स्वाभाविक बाधाओं, जैसे साँस और पेट और रक्त-मस्तिष्क को पार कर जाते हैं, जिसका शरीर पर दीर्घकालिक हानिकारक प्रभाव पड़ता है।
शोध दल ने मैक्सिको सिटी में रहने वाले 58 बच्चों और ग्रामीण परिवेश वाले बच्चों के रक्त और मस्तिष्कमेरु-द्रव्य की तुलना की।मुख्य शोधकर्ता काल्डेरॉन-गारसिड्यूनास ने कहा, 'शोध के दौरान, शहरों में रहने वाले बच्चों के रक्त और मस्तिष्कमेरु-द्रव्य में मस्तिष्क के टाइट जंक्शन और तांत्रिका प्रोटीन का ऑटो-एंटिबॉडी का स्तर ज्यादा पाया गया।'इसका सीधा सा मतलब है कि आयु बढ़ने के साथ ही मस्तिष्क के क्षय में तेजी आएगी और एक दिन यह अल्जाइमर या पार्किं सन जैसी गंभीर बीमारी का कारण बनेगी। यह अध्ययन पत्रिका 'अल्जाइमर्स डिजीज' में प्रकाशित हुआ है।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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