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एक अध्ययन के दौरान हैरत में डाल देने वाली सूचना के बारे में पता चला है। अगर शिशु अवस्था में अस्थमा की दवा दी गई तो बढ़ते कद पर अंकुश लग जाता है। उनकी लंबाई आम बच्चों की तरह नहीं बढ़ पाती है। ऐसे बच्चे जिन्हें अपने जीवन के शुरुआती दो वर्षो में अस्थमा की दवाएं दी जाती हैं, बाद में वे अविकसित रह सकते हैं।
स्पेन के बार्सिलोना में यूरोपियन सोसायटी फॉर पीडिएट्रिक एंडोक्रोनोलोजी मीटिंग की 54वीं वार्षिक मीटिंग में पेश किए गए एक अध्ययन में यह कहा गया। अध्ययन की प्रमुख शोधकर्ता यूनिवर्सिटी ऑफ इस्टर्न फिनलैंड की एंटी सारी ने कहा, 'हमारे शोध शिशुकाल में अस्थमा के लिए दी जाने वाली दवाओं (इंहेल्ड कोर्टिकोस्टेरोएड दवाएं ) और दो वर्ष की उम्र के दौरान और उसके बाद स्वस्थ बच्चों की लम्बाई में रुकावट के बीच संबंध दर्शाता है।' पढ़े- दमा: कारण, लक्षण और घरेलु उपचार
अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 24 माह तक की उम्र के 12,482 फिनिश बच्चों के कद, वजन और अस्थमा की दवाओं के सेवन की जानकारी का अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने जाना कि अपने जीवन के पहले दो वर्षो में इंहेल्ड कोर्टिकोस्टेरोएड दवाएं लेने वाले बच्चे अपनी उम्र के अन्य बच्चों से कद में काफी छोटे थे। अस्थमा की दवा बुडेसोनाइड छह माह से अधिक लेने वाले बच्चों में यह परिणाम और भी स्पष्ट था। शोधकर्ता अब बड़े बच्चों पर इंहेल्ड कोर्टिकोस्टेरोएड दवाओं के प्रभाव का अध्ययन करेंगे और उनका निरीक्षण करेंगे।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Shutter Stock
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