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Written By: Agencies | Updated : October 12, 2015 6:25 PM IST
UP health officers have been asked to ensure that isolated wards are set up in hospitals for H1N1 patients ©Shutterstock
मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण स्वाइन फ्लू का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। तापमान के बढ़ने के साथ स्वाइन फ्लू का प्रकोप कुछ हद तक कम होने लगा था लेकिन तापमान के फिर गिरने के कारण स्वाइन फ्लू के वायरस फिर से सक्रिय हो गए हैं। क्योंकि स्वाइन फ्लू के वायरस उच्च तापमान में ज़्यादा देर तक जी नहीं पाते हैं जबकि कम तापमान में वे ज़्यादा दिन तक सक्रिय रह पाते हैं और उनमें दूसरों को संक्रमित करने की क्षमता ज़्यादा होती है। स्वाइन फ्लू को प्राणघातक अवस्था तक जाने से बचाने के लिए बचाव के तरीकों को अपनाना सबसे ज़रूरी होता है। बेकार के मिथकों पर ध्यान देना नहीं चाहिए।
पश्चिम बंगालमें सोमवार को स्वाइन फ्लू के कारण एक और महिला की मौत हो गई। इस नए मामले के साथ ही राज्य में इस बीमार के कारण अभी तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार के बाद से लागातार तीन दिनों में यह तीसरी मौत है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में स्वाइन फ्लू के 12 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य सचिव मलय डे ने आईएएनएस से कहा, 'एक बुजुर्ग महिला ने एक निजी अस्पताल में स्वाइन फ्लू के कारण दम तोड़ दिया। इसी के साथ राज्य में स्वाइन फ्लू के कारण मरने वालों की कुल संख्या 21 पहुंच गई है।'
उन्होंने बताया कि राज्य में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़कर 323 पहुंच गए हैं।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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