जाड़े के मौसम में दिल के रोगियों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?

सर्दी के दिनों में दिल को स्वस्थ रखने के लिए दस टिप्सों पर ध्यान देना ज़रूरी होता है।

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Written By: Mousumi Dutta | Published : December 22, 2014 12:35 PM IST

ठंड पड़ते ही  दिल के मरीजों को सबसे ज़्यादा सावधान रहने की ज़रूरत होती हैं। चिकित्सकों के मुताबिक सर्दी के मौसम में हार्टअटैक का खतरा सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना  बढ़ जाता है। सर्दी के मौसम में खून गाढ़ा हो जाने के कारण शरीर में रक्त का संचार सही तरीके से नहीं हो पाता है। ऐसे में दिल के रोगियों को सावधानी बरतने की जरूरत होती है। प्रोफेसर डॉ. राकेश कपूर पीजीआई, लखनऊ के मुताबिक, पहली बार अटैक आने पर मरीज को पांच घंटे के भीतर या इससे भी पहले उपचार मिल जाना चाहिए। दूसरी बार अटैक में चार और तीसरी बार में तीन घंटे के भीतर उपचार मिल जाना चाहिए।

साधारणतः देखा गया है कि मरीज को अस्पताल तक आने में ही एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता है और कई बार उसके इस बात की जानकारी ही नहीं होने पर कई घंटे लग जाते हैं। डॉ. कपूर के मुताबिक, दिल की बीमारी से बचने के लिए इन बातों पर ध्यान देना चाहिए-

  • नियमित रूप से कम से कम दो घंटे तक व्यायाम करना चाहिए
  • सुबह टहलने से अच्छा होता है शाम को धूप में टहलना़
  • शरीर के वजन को नियंत्रित रखना चाहिए
  • शाकाहारी  भोजन का सेवन करना चाहिए, जैसे- हरी सब्जियाँ  और  सलाद  आदि
  • नियंत्रित मात्रा में तीन बार खाना खा सकते हैं
  • साधारणतः लोगों का मानना है कि शराब पीने से गरमी मिलती है मगर अत्यधिक मात्रा में शराब पीने से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है।  इसलिए संतुलित मात्रा में शराब का सेवन करना चाहिए।
  •  सर्दी में गर्म कपड़ा पहनना चाहिए ताकि ब्लड प्रेशर कम न हो। नियमित जांच करावाते रहना चाहिए, थोड़ी-सी भी दिक्कत महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
  • सर्दी के दिनों में खाना हजम करने में मुश्किल होता है इसलिए हल्का  और कम मसालेदार खाना नियंत्रित मात्रा में खाने की कोशिश करनी चाहिए।
  • डॉ. कपूर ने कहा कि जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या आनुवांशिक ( hereditary) होती है, उन्हें अपने वजन पर नियंत्रित रखना चाहिए।
  • डायबिटीज का फास्टिंग लेबिल 110 के नीचे और खाना खाने के बाद का 180 के नीचे रहना चाहिए। इससे ऊपर है तो डाक्टर से  तुरन्त सलाह लेनी चाहिए।

डॉ. कपूर के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को हार्ट अटैक का खतरा  ज़्यदा होता है,  इसलिए  उनमें ब्रेन हेमरेज (brain haemorrhage) की  संभावना बढ़ जाती है। हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को 40 साल की उम्र के बाद रक्तचाप की नियमित जांच कर‍वाते रहना चाहिए। नार्मल ब्लड प्रेशर 120/80 होना चाहिए, अगर 150/90 से ऊपर है तो खतरे की संभावना होती है।

अगर दिल के मरीज इन छोटी-छोटी बातों  पर ध्यान देंगे तो उनके स्वास्थ्य के ऊपर से खतरा कुछ हद तक कम हो जाएगा और वे खुद को ज़्यादा स्वस्थ और ऊर्जायुक्त महसूस करेंगे।

स्रोत: IANS Hindi

चित्र स्रोत: Getty images


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