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बूस्टर खुराक पर शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने की चर्चा, कहा इन लोगों को जरूर लगनी चाहिए कोविड बूस्टर शॉट

शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड बूस्टर खुराक कॉमरेबिडिटी वाले लोगों और स्वास्थ्य कर्मियों को जरूर लगनी चाहिए। कुछ तो यह भी तर्क देते हैं कि प्राथमिकता पूरी आबादी को पहले टीकों की दोनों खुराक साथ लगाने की होनी चाहिए।

बूस्टर खुराक पर शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने की चर्चा, कहा इन लोगों को जरूर लगनी चाहिए कोविड बूस्टर शॉट
बूस्टर खुराक पर शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने की चर्चा, कहा इन लोगों को जरूर लगनी चाहिए कोविड बूस्टर शॉट

Written by Anshumala |Updated : November 22, 2021 6:34 PM IST

कोरोनावायरस से बचाव के लिए कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवानी बेहद जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही जिन लोगों को गंभीर समस्याएं हैं, रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उनके लिए भी बूस्टर शॉट्स जरूरी है। देश के कुछ शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच बूस्टर शॉट को लेकर काफी चर्चा हो रही है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इनका मानना है कि कई तरह की गंभीर बीमारियों से पीड़ित यानी कॉमरेबिडिटी (Comorbidities) वाले लोगों और हेल्थ वर्कर्स को लगने की सलाह देते हैं। हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स की ये भी राय है कि सबसे पहले देश की पूरी आबादी को टीकों की दोनों खुराक साथ लगाने की प्राथमिकता होनी चाहिए। बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए यह बेहद जरूरी है। अमेरिकी सरकार ने शुक्रवार को सभी वयस्कों के लिए कोविड बूस्टर शॉट शुरू किए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया का कहना है कि बूस्टर खुराक पर निर्णय सिर्फ विशेषज्ञों की सिफारिश के आधार पर ही लिया जाएगा। फिलहाल, दोनों कोरोना वैक्सीन खुराक के साथ वयस्क वैक्सीनेशन प्रोग्राम को जल्द से जल्द पूरा करना प्राथमिकता है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च में महामारी विज्ञान और संक्रामक रोग विभाग के प्रमुख डॉ. समीरन पांडा का कहना है कि वैज्ञानिकों के साक्ष्य के आधार पर कोरोना की बूस्टर शॉट पेश की जा सकती है, लेकिन इस बार हमारा ध्यान देश भर में दोनों खुराकों के साथ वैक्सीनेशन करना है।

बूस्टर खुराक देने में ना करें अमेरिका का अनुसरण

वहीं, पैन फोर्टिस मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. अशोक सेठ का कहना है कि बूस्टर खुराक देने में अमेरिका का अनुसरण नहीं करना चाहिए। इसकी बजाय, टीकाकरण की दूसरी खुराक पर ध्यान देने की जरूरत है, जो काफी पीछे रह गई है। बूस्टर खुराक से हमारे सामूहिक टीकाकरण कार्यक्रम में बाधा आ सकती है, जिसे हम सहन नहीं कर सकते। अमेरिका में बूस्टर डोजइसलिए दिया जा रहा है, क्योंकि डेल्टा वेरिएंट से यूरोपीय देशों में संक्रमण हो रहा है। वहां भी बूस्टर डोज का यही कारण है। देखा जाए तो देश अब उस चरण को पार कर चुका है। उधर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने देश भर में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए तीसरी बूस्टर खुराक की मांग की है।

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स्रोत: (IANS Hindi)

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