अमेरिका में फिर से बढ़ सकता है अमेरिकन मलेरिया का खतरा, जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट्स

American Malaria: कोविड का कहर अभी तक खत्म नहीं हुआ है कि अमेरिका में फिर से अमेरिकन मलेरिया का खतरा मंडराने लगा है। इसको देखते हुए एक्सपर्ट्स भी चिंतित है, इस लेख में जानें इससे जुड़ी जानकारी।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : October 11, 2024 4:01 AM IST

America health news: खबर आई है कि बबेसिओसिस, जिसे "अमेरिका मलेरिया" भी कहा जाता है, तेजी से अमेरिका में फैल रहा है। ओपन फोरम इन्फेक्शियस डिजीज पत्रिका में प्रकाशित एक नए शोध पत्र के अनुसार, अमेरिका में 2015 से 2022 के बीच हर साल बबेसिओसिस के मामलों में लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो बीमारी के प्रसार को लेकर चिंता पैदा करता है। इसके साथ ही यह भी पाया गया कि इन रोगियों में से एक बड़ा हिस्सा लाइम रोग जैसी दूसरी टिक-जनित बीमारियों से भी संक्रमित पाया गया। यह स्थिति और भी जटिल हो सकती है, क्योंकि इन दोनों बीमारियों के लक्षण एक जैसे हो सकते हैं और उनका उपचार भी अलग-अलग हो सकता है।

यह शोध अमेरिकी स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है, क्योंकि यह दर्शाता है कि टिक-जनित रोगों के प्रसार में वृद्धि हो रही है। बबेसिओसिस, जिसे अमेरिकन मलेरिया के रूप में जाना जाता है, एक पैरासिटिक रोग है, जो टिक के काटने से फैलता है। यह मुख्य रूप से लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

अमेरिकन मलेरिया एक टिक-जनित (tick-borne) बीमारी है जो बेबेजिया नामक परजीवी द्वारा होती है। यह परजीवी Ixodes प्रजाति के टिक (जैसे कि black-legged tick या deer tick) के माध्यम से इंसान तक पहुंचता है। बबेसिओसिस मुख्य रूप से लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है और इससे शरीर में रक्त की कमी (एनीमिया) हो सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई कारणों से इसके मामले बढ़ सकते हैं। जैसे गर्म होते वातावरण और बदलते मौसम के कारण टिकों की आबादी बढ़ी है, जिससे बीमारी के प्रसार में वृद्धि हुई है। तो शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में मनुष्यों और जानवरों के बीच बढ़ता हुआ संपर्क टिक-जनित रोगों के लिए अधिक अवसर प्रदान करता है।

लक्षण

बबेसिओसिस के लक्षण मलेरिया के लक्षणों से काफी मिलते-जुलते होते हैं, यही कारण है कि इसे "अमेरिका मलेरिया" कहा जाता है। इसके प्रमुख लक्षण हैं।

1. बुखार: यह सामान्यत: तेज और झकझोर बुखार की तरह होता है।

2. थकान: बहुत अधिक कमजोरी और थकान महसूस होती है।

3. मांसपेशियों में दर्द: शरीर में दर्द, खासकर मांसपेशियों में।

4. सिरदर्द: हल्का या गंभीर सिरदर्द।

5. पसीना आना: बुखार के साथ पसीना आना।

6. एनीमिया: लाल रक्त कोशिकाओं के नष्ट होने के कारण एनीमिया हो सकता है, जिससे त्वचा पीली हो सकती है और कमजोरी महसूस हो सकती है।

बबेसिओसिस का उपचार और रोकथाम

बबेसिओसिस का इलाज एंटी माइक्रोबियल दवाओं से किया जाता है, जैसे कि आर्टीमिसिनिन और क्लिंडामाइसिन। यदि बीमारी का इलाज समय से शुरू किया जाता है, तो अधिकांश लोग जल्दी ठीक हो जाते हैं। गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है, जहां रक्त संक्रमण और अंगों की कार्यक्षमता की निगरानी की जाती है।

- टिक-प्रूफ गियर पहनना: अगर आप जंगलों या घास वाले क्षेत्रों में जा रहे हैं तो लंबे कपड़े पहने और टिक्स से बचने के लिए टिक-प्रूफ स्प्रे का इस्तेमाल करें।

- टिक की नियमित जांच: टिका होने पर शरीर की जांच करें और जितनी जल्दी हो सके टिक्स को हटा लें।

- जागरूकता फैलाना: बीमारी और उसके लक्षणों के बारे में अधिक जानकारी होना महत्वपूर्ण है, ताकि जल्दी इलाज किया जा सके।