Black Fungus: स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने बताया किस गलती की वजह से बढ़ रहे हैं ब्लैक फंगस के केस

Mucormycosis: स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने बताया कि कोविड से रिकवर हो चुके उन लोगों में ब्‍लैक फंगस (Black Fungus) के केस दिख रहे हैं जो संक्रमित होने के दौरान अस्‍पताल में भर्ती नहीं हुए थे।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : June 9, 2021 10:16 AM IST

जिस स्‍पीड से देश में कोरोनावायरस के केस बढ़े थे उसी तरह ब्‍लैक फंगस (Black Fungus) भी अपने पैर जमा रहा है। देखते ही देखते वर्तमान में देशभर में म्‍यूकरमायोसिस (Mucormycosis) के करीब 30 हजार केस हो गए हैं। अब तक जो भी लोग ब्‍लैक फंगस की चपेट में आए हैं उनमें से ज्‍यादातर लोग ऐसे हैं जो समय रहते अस्‍पताल चले और उनका इलाज शुरू किया गया। यही कारण है कि ब्‍लैक फंगस की चपेट में आ रहे ज्‍यादातर मरीज ठीक होकर घर जा रहे हैं। डॉक्‍टर्स कहते हैं कि अगर ब्‍लैक फंगस के इलाज में देरी हो गई तो जान का जोखिम बढ़ सकता है। पंजाब के शहर पटियाला में ब्‍लैक फंगस के कुल 58 केस सामने आ चुके हैं। इनमें से 49 मरीज ऐसे हैं जिन्‍हें कोरोना से सही होने के बाद म्‍यूकरमायोसिस हुआ है।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय का कहना है कि कोरोना से रिकवर हो चुके मरीजों में ब्‍लैक फंगस की ज्‍यादा पुष्टि हो रही है। जिले में मिले 58 ब्‍लैक फंगस के केस में से 27 सिर्फ पटियाला से हैं और बाकी के केस राज्‍य के अलग जिलों से हैं। मंत्रालय का कहना है कि ज्‍यादातर कोविड से रिकवर हो चुके उन लोगों में ब्‍लैक फंगस के केस दिख रहे हैं जो संक्रमित होने के दौरान अस्‍पताल में भर्ती नहीं हुए थे। यानि कि अगर मरीज अस्‍पताल में भर्ती हो और इलाज समय पर किया जाए तो ब्‍लैक फंगस को फैलने से रोका जा सकता है। सिविल सर्जन डॉक्‍टर सतेंद्र सिंह का कहना है 'हालांकि अब तक ब्‍लैक फंगस के ज्‍यादातर केस उन लोगों में देखे गए हैं जो कोरोना से ठीक हो चुके हैं। हालांकि ऐसे लोगों में भी म्‍यूकरमायोसिस की पुष्टि हुई है जो कोरोना से संक्रमित नहीं हुए थे।'

डॉक्‍टर सतेंद्र जैन ने आगे कहा कि 49 मरीजों को डायबिटीज था। जिनमें से 9 मरीजों की मौत हो चुकी है। हालांकि मौत का कारण तभी पता चल पाएगा जब स्‍टेट कमिटी अपनी रिपोर्ट समिट करेगी। वहीं, जिले के एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉक्‍टर सुमित सिंह का कहना है कि जिन मरीजों ने कोरोना के इलाज के दौरान या डायबिटीज के चलते स्‍टेरॉयड की हाई डोज ली है उनमें ब्‍लैक फंगस की ज्‍यादा पुष्टि हो रही है। डॉक्‍टर सुमित ने कहा कि उन्होंने सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को समान रूप से निर्देश जारी किए थे कि वे कोविड रोगियों को आईसीयू में भर्ती होने से पहले फंगस के लक्षणों को नोटिस करें। बता दें कि पिछले 20 दिनों में पंजाब में कोरोना संक्रमित 53 लोगों की ब्‍लैक फंगस के कारण मौत हो चुकी है।

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