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ऐलो वेरा (घृतकुमारी) शरीर को कई तरह से लाभ पहुँचाता है। यह त्वचा को नया जीवन प्रदान करने के साथ कोमल भी बनाता है। ऐलो वेरा का रस दवाईयाँ बनाने के काम तो आता ही है साथ में प्राकृतिक कॉज़्मेटिक्स बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है। ऐलो वेरा कई प्रकार के शारीरिक समस्याओं का प्राकृतिक रूप से उपचार करने में सहायता करता है।
ऐलो वेरा का जो एक एन्टी इन्फ्लैमटारी गुण है, उसके बारे में शायद बहुत कम लोगों को ही मालूम है। यह सर्दी-खांसी का उपचार करके इससे राहत दिलाने में भी मदद करता है। यह प्राकृतिक उपचार छोटे-बड़े दोनों पर समान रूप से प्रभावकारी होता है। ऐलो वेरा का एन्टी-वायरल और एन्टी-बैक्टरीयल गुण सर्दी-खांसी के बीमारी के सूक्ष्मजीवों को बढ़ने से रोकने में बहुत मदद करते हैं। ऐलो वेरा में सल्फर, सिनामिक एसिड, लूचीऑल, सैलीसिलिक एसिड और फिनॉल जैसे एन्टी इन्फ्लैमटारी सामग्री बहुत सक्रिय होते हैं। ये यौगिक शरीर के सूक्ष्मजीवों को निकालने में मदद करते हैं और संक्रमण को दूर करते हैं। इन सबके कारण सर्दी-खांसी से जल्दी राहत मिलता है।
ऐलो वेरा का इस्तेमाल करने के लिए उसके पत्ते को काटकर चम्मच से जेली जैसे पदार्थ को निकाल लें। पैन में उस जेली को डालकर दो-तीन मिनट तक कम आंच में गर्म करें और छानकर रख दें। यह खाने में थोड़ी कड़वी होती है, मगर सर्दी-खांसी के उपचार में प्रभावकारी रूप से काम करती है।
चित्र स्रोत: Getty Images
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