
... Read More
Written By: Mousumi Dutta | Published : December 5, 2014 11:17 PM IST
भारत एक ऐसा देश है जहाँ प्रदूषण की समस्या के कारण साइनसाइटिस की समस्या ज़्यादातर लोगों को हो जाती है। इसके अलावा अगर आपको जल्दी ठंड लग जाने की बीमारी है तो साइनसाइटिस के दर्द और परेशानी का सामना आपको करना ही पड़ेगा।
साइनसाइटिस होने के कारण-
सिर से लेकर कपाल तक छोटे-छोटे खाली जगह (pockets) होते हैं जिसमें ठंड लग जाने के कारण हवा भर जाती है। यह पॉकेट्स नाक, कान, भौंह(eyebrows), आँख, गाल, जबड़ा के चारों तरफ भी होता है। यह पॉकेट्स टीशू से भरे होते हैं। इनमें हवा भर जाने के कारण ठंड के वायरस इनको प्रभावित करते हैं और जिसके कारण कफ़ की सृष्टि होने लगती है । कफ के सृष्टि के कारण नाक बंद हो जाता है और नसे सूज जाती हैं जिसके कारण साइनसाइटिस का दर्द सर से शुरू होकर कान, आँखों के नीचे गाल से लेकर जबड़ा और गर्दन तक फैल जाता है। पढ़े- कोल्ड और कफ़ से घर बैठे निजात पाएं
साइनसाइटिस के लक्षण-
प्राथमिक अवस्था में साइनसाइटिस के लक्षण:
• नाक बंद
• सिर दर्द
• पूरे चेहरे में दर्द
• गाढ़ा या घना कफ़
• खाँसी और सीने में कन्जेस्चन(congestion)
• स्वाद और गंध लेने की शक्ति का कम होना
• गले में दर्द
शारीरिक स्थिति और भी बिगड़ जाने पर यह लक्षण भी हो सकते हैं:
• बुखार
• साँस में बदबू
• जबड़ो में दर्द
• थकान
वैसे तो साइनसाइटिस से लड़ने के लिए अनेक तरह की दवाईयाँ बाज़ार में मिल जायेंगी, जो सामयिक तौर पर आपको आराम देंगी। मगर प्राकृतिक और घरेलु उपचार के दवारा आपको साइनसाइटिस के रोग से पूरी तरह राहत मिल जाएगा। यदि सही तरह से आपने इनका सेवन किया तो हो सकता है आपको इसके दर्द को न सहना पड़े। पढ़े- गले के दर्द से ज़ल्दी राहत पाने के लिए हल्दी का इस्तेमाल करें
• भाप का उपचार: एक कटोरी में तुलसी के कुछ पत्ते डालें और उनको गर्म कर लें। दिन में पाँच से छह बार इस जल का भाप लेने पर साइनसाइटिस के दर्द से बहुत जल्दी राहत मिल जाता है।
• योग से उपचार: योग भी इस दर्द से राहत दिलाने में बहुत मदद करता है। प्राणायाम के रूप में कपालभाती करने से प्रदूषक (pollutants) निकल जाते हैं जिससे साइनसाइटिस के दर्द और कारण से राहत मिलती है।
यहाँ पाँच प्राकृतिक उपायों के बारे में बताया जा रहा है जो आपको साइनसाइटिस के दर्द से राहत दिलाने में मदद करेंगे-
मेथी- मेथी के दाने कन्जेस्चन को कम करने में मदद करते हैं। डॉ.एच.के. भाखरू के अनुसार मेथी के दानों को पानी में उबालने के बाद शहद के साथ इसका सेवन करने पर शरीर से पसीना निकलने लगता है। इससे कन्जेस्चन की समस्या कुछ हद तक दूर होती है। मेथी के कुछ दानों को चाय में डालकर उबाल लें। उसके बाद उस चाय में स्वाद के अनुसार शहद भी डाल सकते हैं। इस चाय को गरमागरम नियमित रूप से पीने पर साइनसाइटिस के दर्द और कन्जेस्चन से राहत मिलती है। पढ़े- मेथी के 15 स्वास्थ्यवर्द्धक गुण
तुलसी- तुलसी एक ऐसा हर्ब हैं जिसके अनेक फ़ायदे हैं। यह साइनसाइटिस के सारे लक्षणों से राहत दिलाने में बहुत मदद करता है। तुलसी का एन्टीफंगल और एन्टी बैक्टिरीअल (anti bacterial) और एन्टी इन्फ्लैमटोरी (anti inflammatory) गुण कन्जेस्चन को कम करके साइनसाइटिस के दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं। पढ़े- तुलसी द्वारा पायें मुँहासों से छुटकारा
दस तुलसी के पत्तों, दस काली मिर्च और थोड़ा-सा अदरक लें और इन सबको अच्छी तरह से पीस लें। उसके बाद 250 एम.एल. पानी में इस पेस्ट को डालकर आधा हो जाने तक उबालें। इसको छानकर दिन में तीन बार पीयें। ध्यान रहे खाना खाने के दो घंटा के बाद ही इस काढ़ा को पीये। इसको पीने के तुरन्त बाद न ही नहायें और न ही ठंड लगायें।
जीरा- जीरा एक ऐसा मसाला है जिसका प्रयोग सिर्फ तड़का लगाने के लिए ही नही किया जाता है बल्कि इसका एन्टीफंगल और एन्टी बैक्टिरीअल (anti bacterial) और एन्टी इन्फ्लैमटोरी (anti inflammatory) गुण साइनसाइटिस के इन्फेक्शन (infection) से लड़ने कनजेस्चन को कम करने और शरीर के प्रतिरक्षी तंत्र (immune system) को उन्नत करने में मदद करते हैं।
दो कप पानी में एक छोटा चम्मच जीरा के कुछ दानें, थोड़ा-सा अदरक और तुलसी के कुछ पत्तों को डालकर अच्छी तरह से उबाल लें। इस काढ़ा को दिन में दो से तीन बार गरमागरम पीयें।
अजवाइन- अजवाइन साइनसाइटिस के लक्षणों से राहत दिलाने में बहुत मदद करता है। देखने में छोटा होने के बावजुद यह बहुगुणी होता है। इसका एन्टी बैक्टिरीअल (anti bacterial), एन्टीसेप्टिक (antiseptic), कफ़निवारक और एन्टीफंगल गुण कफ़ को कम करके दर्द से राहत दिलाने में बहुत मदद करते हैं।
दो से तीन बड़े चम्मच अजवाइन को तवा पर रखकर तब तक भूनें जब तक कि उससे हल्का महक न निकलने लगे। उसके बाद एक सूती के रूमाल में इन दानों को रख कर पोटली की तरह बाँध लें। साइनसाइटिस के कारण जहाँ भी दर्द हो रहा है वहाँ पर रखने पर दर्द कम हो जाता है। ध्यान रहे कि पोटली ज़्यादा गर्म न हो।
नीलगीरी (Eucalyptus)- नीलगीरी के पेड़ से निकाले हुए तेल के अनेक गुण है। इसका एन्टी बैक्टिरीअल (anti bacterial), एन्टीसेप्टिक (antiseptic), कफ़निवारक, एन्टीफंगल, दर्दनिवारक गुण साइनसाइटिस के सारे लक्षणों से राहत दिलाने में मदद करते हैं।
एक बर्तन में नीलगीरी के तेल के कुछ बूंद डालें और उसका भाप लें। इससे न सिर्फ दर्द से राहत मिलेगा बल्कि कफ़ भी कम हो जाएगा।
चित्र स्रोत: Getty images
लेटेस्ट अप्डेट्स के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो कीजिए।स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए न्यूजलेटर पर साइन-अप कीजिए।