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Written By: Mousumi Dutta | Updated : August 24, 2017 8:59 AM IST

गणेश उत्सव दरवाज़ पर दस्तक दे रहा है और सभी कोई इसकी तैयारी करने में व्यस्त है मगर इस व्यस्तता के बीच में क्या आपने कभी सोचा है कि भगवान आपको स्वास्थ्य संबंधित क्या शिक्षा देना चाहते है?
भगवान गणेश का वृहद शीश ज्ञान का प्रतीक होता है
भगवान गणेश सबसे पहले यही ज्ञान देना चाहते हैं कि अपने शरीर को स्वस्थ रखना सबसे ज़रूरी होता है । स्वस्थ रहने के लिए शरीर और मन का सही संतुलन बना रहना चाहिए। इसके लिए किस प्रकार का आहार ग्रहण करना ठीक होता है इसका चुनाव आप सही ज्ञान के द्ंवारा ही कर सकते हैं। जैसे वज़न घटाने के लिए फैड डाइट, व्यायाम या संतुलित आहार का सहारा लेने के पहले सही जानकारी को प्राप्त करना ज़रूरी होता है।
भगवान गणेश के बड़े कान ध्यान का प्रतीक हैं
भगवान गणेश यही शिक्षा देते हैं कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए शरीर के संकेत पर ध्यान देना ज़रूरी होता है। इस भाग-दौड़ के जिंदगी में लोग अपने ऊपर ध्यान ही नहीं दे पाते हैं। शरीर अपनी समस्या का संकेत किसी न किसी प्रकार से आपको दे ही देता है, जैसे अगर आपने अस्वास्थ्यकर खाना खाया है और पेट उसको हजम नहीं कर पा रहा है तो पेट में दर्द होगा। आपको इस संकेत को ध्यान देकर सही इलाज़ करना पड़ेगा। बीमारी को अनदेखा करने पर समस्या और भी जटिल हो जाती है। इसलिए शरीर की स्थिति नियंत्रण के बाहर चले जाने से पहले चिकित्सक के पास जाना ही अच्छा होता है।
भगवान गणेश की छोटी आंखे एकाग्रता की प्रतीक होती हैं
भगवान गणेश के आर्शिवाद से मनुष्य के जीवन में जब अच्छे दिन आते हैं तब उसके साथ अनेक जिम्मेदारियाँ भी आ जाती हैं। जिम्मेदारियों को पूरा करने के चक्कर में यह नहीं समझ पाते हैं कि कौन-सा काम कब करना ठीक होगा। इस कारण सब कुछ बिखरने लगता है और तब आप तनाव में आ जाते हैं। उस वक्त से निपटने के लिए भगवान यही शिक्षा देते हैं कि पहले मन को एकाग्र करें और यह सोचे कि आपका अपना लक्ष्य क्या है? जब आप अपने लक्ष्य को समझ जायेंगे तब अपनी समस्या का हल भी आसानी से निकाल पायेंगे। इसलिए कभी भी तनावग्रस्त न हो, इससे आप बीमारियों को खुद ही आमंत्रित कर बैठेेंगे।
भगवान गणेश के बायें हाथ में रस्सी लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रतीक होता है
भगवान गणेश यही शिक्षा देते हैं कि लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए परिश्रम करना ज़रूरी होता है। लक्ष्य को प्राप्त करने के पथ पर अनेक प्रकार की बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं मगर आपको धैर्य के साथ उनसे लड़ना पड़ेगा और लक्ष्य को प्राप्त करना पड़ेगा। जो अपनी सहायता करते हैं भगवान उसकी सहायता करते हैं। उदाहरणस्वरूप आप वज़न घटाना चाहते हैं, इसके लिए आपको अस्वास्थ्यकर खाना (अनहेल्दी खाना) छोड़ना पड़ेगा, लोभ पर नियंत्रण करना पड़ेगा। नियमित रूप से व्यायाम करना पड़ेगा तभी आप वज़न घटाने के लक्ष्य को पूरा कर पायेंगे।
भगवान गणेश का एकदंत बुराई को त्याग कर अच्छाई को अपनाने का प्रतीक होता है
भगवान गणेश यही शिक्षा देते हैं कि कभी भी बूरी बात को याद न रखें, अच्छी बातों को ही याद करके अपने जीवन में आगे बढ़ते रहना चाहिए इससे ही सफलता मिलती है। अगर आप कोई काम करने में असफल हो गए हैं और कोई आपकी काम की आलोचना कर रहा है तो इस आलोचना की बात पर दुखी न होकर उस काम में हुए कमी को ढूंढकर उसमें सुधार लाने की कोशिश करें। इससे न सिर्फ आप सफलता का स्वाद चख पायेंगे बल्कि खुद को सफल भी साबित कर पायेंगे।
भगवान गणेश का सूँड़ काम को करने की क्षमता और दक्षता का प्रतीक होता है
भगवान गणेश यही शिक्षा देते हैं कि किसी भी चुनौती को आप अपनी पूरी दक्षता और क्षमता के साथ पूरा करने की कोशिश कीजिए। किसी भी काम को पूरा न कर पाने के बहाने तो बहुत होते हैं मगर उसको पूरा करने की क्षमता आप में होनी चाहिए। अगर आप वज़न घटाने की चुनौती लेते हैं तो इसके लिए आपको कठीन परिश्रम करना पड़ेगा, बिना किसी बहाने के। इस चुनौती को पूरा करने के लिए व्यायाम करना पड़ेगा, पौष्टिक आहार खाना होगा। इस आधार पर ही आप अपने जीवन के चुनौतियों का सामना कर पायेंंगे। अगली बार जब आप व्यायाम नहीं करेंगे तब व्यायाम न कर पाने के कारण को सोचे कि क्या वह सही है या सिर्फ बहाना है।
भगवान गणेश का मोदक त्याग या साधना का प्रतीक होता है
भगवान गणेश इस प्रतीक के द्वारा यही शिक्षा देना चाहते हैं कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए त्याग और साधना की ज़रूरत होती है। अगर वज़न घटाना चाहते हैं तो आपको अपने लोभ, आलस का त्याग करना पड़ेगा और अपने लक्ष्य को लेकर साधना करना पड़ेगा। वज़न घटाने के लिए कोई भी दवा या जादू काम नहीं करेगा इसके लिए आपको व्यायाम करना पड़ेगा और किसी भी प्रकार का जंक फूड खाने का लोभ त्यागना पड़ेगा और स्वास्थ्यवर्द्धक खाना खाना पड़ेगा।
भगवान गणेश का वाहन के रूप में चुहा इच्छा पर नियंत्रण का प्रतीक होता है
भगवान गणेश अपने वाहन के प्रतीक के द्वारा यही ज्ञान देना चाहते हैं कि आप अपने इच्छा पर नियंत्रण करना सिखें। गुलाब जामुन या केक खाने की इच्छा, सिगरेट का एक कश लेने की या और एक पेग वाइन पीने जैसी इच्छाओं पर नियंत्रण करना ज़रूरी होता है क्योंकि इन इच्छाओं पर यदि नियंत्रण नहीं होगा तो स्वस्थ रहने के लक्ष्य तक पहुँच पाना अंसभव होगा।
भगवान गणेश का बड़ा पेट सही और गलत को समझने का प्रतीक होता है
भगवान गणेश यही शिक्षा देते हैं कि सबके जिंदगी में अच्छा और बूरा समय आता है मगर बूरे वक्त या अनुभवों को पकड़कर रखने से आप उससे उभर नहीं पायेंगे और आप खुद को तनावग्रस्त करके उच्च रक्त चाप या हाई ब्लड प्रेशर और मधुमेह जैसे बीमारियों को आमंत्रित कर लेंगे। इसलिए मन को शांत करके काम को करने से वह काम अच्छा होता है और आप खुद को तनाव से दूर भी रख पाते हैं।
भगवान गणेश का छोटा मुँह कम बात करने का प्रतीक होता है
भगवान गणेश यही शिक्षा देते हैं कि कभी भी बूरे वक्त से घबरायें नहीं और घबराहट में ज़्यादा बोले नहीं। इससे परिस्थिति और भी खराब हो जाती है। अगर ऑफिस में अचानक बहुत काम आ गया है और आपके पास समय कम है तो मन को शांत करके बिना कुछ बोले काम को पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए, इससे काम में पूर्ण रूप से सफलता मिलती है।
अब से जब भी आप किसी भी मुश्किल में पड़ेंगे तो यह सोचे कि भगवान गणेश से आपको क्या शिक्षा मिली है और उस शिक्षा के द्वारा आप अपने जीवन को कैसे खुश और स्वस्थ रखेंगे।
आप सबको गणेश उत्सव की शुभकामनायें।
चित्र स्रोत: Getty Images