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Written By: Mousumi Dutta | Published : October 14, 2014 7:03 PM IST
साधारणतः आप जोड़ों में गठिया या आर्थ्राइटिस होने के बात सुनते हैं मगर कान में गठिया होने की बात क्या आपने पहले कभी सुना है? शायद यह बात आपको हैरान कर देगा कि कानों में भी गठिया का दर्द होता है। यह किसी बाहरी कारणों से या वंशानुगत कारणों से भी हो सकता है।
कानों में दर्द होना आम बात है पर आप जब तक डॉक्टर के पास नहीं जायेंगे तब तक आपको कान में गठिया रोग के बारे में पता नहीं चलेगा, क्योंकि कानों में दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- कानों में पानी चला जाना, कानों में इन्फेक्शन होना, दाँत या गले में दर्द भी कानों में दर्द होने से कारणों में से एक है , सर्दी-खांसी होने से भी कानों में दर्द हो सकता है। आमतौर पर लोग इस दर्द को घरेलु उपचार से ही ठीक करने की कोशिश करते हैं मगर इसके लिए डॉक्टर के पास जाना ही बुद्धिमानी का काम होता है क्योंकि कान का दर्द यदि आर्थ्राइटिस के कारण हो रहा है तो उपचार में विलम्ब होने पर रोग अपना प्रखर रूप धारण कर सकता है।
कान का दर्द और गठिया का संबंध:
गठिया का रोग जोड़ों में होता है। अतः कान के मध्य भाग में जो जोड़ होते हैं उनमें गठिया का रोग होता है। कान के पर्दे के पीछे छोटी-छोटी हड्डियाँ होती हैं उनमें गठिया होने पर दर्द नहीं होता है बल्कि उनके काम करने की क्षमता कम हो जाती है। इसका मतलब आप कान से कम सुनने लगते हैं क्योंकि इनके द्वारा ही आपकी श्रवण शक्ति उन्नत होती है। गठिया के रोग से आक्रांत होने के कारण इनका लचीलापन कम हो जाता है, इस रोग को ऑटोक्लेरोसीस (Otosclerosis) कहते हैं। यह रोग साधारणतः आनुवांशिकता के कारण होता है। कभी-कभी इस रोग को ठीक करने के लिए सर्जरी करने की भी ज़रूरत होती है।
इसके अलावा कान के आस-पास अनेक प्रकार के जोड़ या ज्वाइंट (joint) होते हैं जब वे आक्रान्त होते हैं तब कान में प्रबल वेदना होती है जो असहनीय हो जाता है। कान के टी.एम.ज्वाइंट (Temporomandibular Joint) में दर्द होता है। यह जोड़ कान के सामने जबड़ो से संबंधित होता है। डॉक्टर के स्पर्श मात्र से इन जोड़ो मे असहनीय वेदना होती है। इस वेदना को दवा देकर कम किया जाता है या अल्ट्रासाउन्ड थेरपी के सहायता से भी इस रोग को ठीक किया जाता है। तनावग्रस्त लोगों को साधारणतः यह रोग होने का खतरा होता है। पढ़े: गठिये के दर्द से राहत पाने के प्राकृतिक तरीके
इसके अलावा कभी-कभी आप कोई सख़्त खाद्द पदार्थ दाँत से तोड़ने की कोशिश करते हैं इस दौरान कान के जोड़ो को इस प्रक्रिया से चोट लग जाता है जिससे कान में दर्द शुरू हो जाता है। इससे आपके लगभग मुँह के सारे अंगों में दर्द होना शुरू हो जाता है।
गठिया ग्रस्त कान के दर्द का उपचार:
• टी.एम.ज्वाइंट के दर्द का मूल कारण तनाव होता है। इसलिए तनाव को कम करना सबसे ज़्यादा ज़रूरी होता है। इसके लिए आप सुबह सैर करने के लिए जायें या योग के द्वारा तनाव को कम करें।
• संतुलित भोजन करें और जंक फूड खाने से खुद को दूर रखें।
• डॉक्टर की सलाह से व्यायाम करें जिससे तनाव कम हो।
• सात से आठ घंटे की अच्छी नींद होनी चाहिए।
• सख्त खाना न खायें जिससे कि कान के जोड़ो को चोट पहुँचे।
लेकिन सबसे अच्छी बात यह है कि इस रोग का इलाज़ संभव हैं। सिर्फ आप इस रोग का इलाज समय पर करें।
चित्र स्रोत: Getty Images
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