12 प्राकृतिक खाद्दों द्वारा अपने बच्चे के प्रतिरोध क्षमता को बढ़ायें

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Written By: Mousumi Dutta | Published : September 2, 2014 11:47 AM IST

12 superfood

हर माँ की एक ही चिंता होती है कि क्या वह अपने बच्चे को पुरी तरह से पौष्टिक आहार दे पा रही है? वह जो खाना खाता है उसमें उसके ज़रूरत के अनुसार विटामिन, प्रोटीन, एन्टीऑक्सिडेंट की मात्रा पूरी हो पाती है। इन सबके बारे में सोचते-सोचते समय बीत जाता है और बच्चे तो खाना को लेकर नखरे बहुत करते हैं। इसलिए आपकी सहायता करने के लिए कुछ स्वास्थ्यवर्द्धक खाद्दों की सूची दी जा रही हैं जो आपके बच्चे के प्रतिरोध क्षमता को विकसित करने के साथ-साथ उसके सारे पौष्टिकताओं के ज़रूरत को भी पूरा करेंगे।

अंडा:  अंडा प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत होता है। अंडे को उबालकर, पोच्ड करके और स्क्रैम्ब्लड करके ही खायें, तभी उसका स्वास्थ्यवर्द्धक गुण बना रहता है। अंडे के पीले भाग में विटामिन और मिनरल अधिक मात्रा में होता है इसलिए बच्चों के लिए यह सबसे अच्छा खाद्द माना जाता है। नीती देसाई, कुम्बाला हिल्स हॉस्पिटल, आहार विशेषज्ञ के अनुसार, 'अंडा एंटीऑक्सीडेंट्स का भी अच्छा स्रोत होता है।'

सामन (सैमन): मछली के तो बहुत स्वास्थ्यवर्द्धक गुण होते हैं। सामन (सैमन)में ओमेगा 3 फैटी एसिड्स होते हैं जो बच्चों के मस्तिष्क के विकास में और दृष्टि के शक्ति को बढ़ाने में सहायता करता है।

ड्राइ फ्रूट:  पिस्ता, अखरोट, किशमिश, खजूर, अंजीर आदि सभी प्रकार के ड्राइ फ्रूट पौष्टिकता से भरपूर होते हैं। अगर बच्चे इन्हें यूं ही खाना न चाहे तो इनका चिक्की बनाकर स्नैक्स में खिला सकते हैं।

बेरीज़: बेरी देखने में तो छोटे लगते हैं, मगर इन रंग-बिरंगे बेरी के गुण अनगिनत होते हैं। नीती देसाई का कहना है कि, 'अगर बच्चे ऐसे ही खाना पंसद न करें तो स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, मलबेरी सबको मिलाकर सलाद जैसा बना दें।'

सीप: सीप में ज़िंक अधिक मात्रा में पाया जाता है और ज़िन्क प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने, प्रोटीन को बनाने, कोशिकाओं के ठीक तरह से काम करने में,   डी ऑक्सी राइबो न्यूक्लिक एसिड (डी.एन.ए) के ठीक करने में मदद करते हैं। जो बच्चे सी-फूड पसंद करते हैं वे इसका आनंद उठा सकते हैं।

रंगीन फल: अपने बच्चों को कुछ विशेष फल ही सिर्फ खाने न दें, इससे वे फलों के प्रति उदासिन हो जाते हैं। नीती के सलाह के अनुसार, 'गहरे रंग के हर फल का अपना अलग गुण होता है, जैसे- अनार, पीच, बेरी, खरबूज, तरबूज आदि। इसलिए बच्चों को हर तरह का फल देना चाहिए।'

हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ: पालक और मेथी फॉलिक एसिड, जिन्क और विटामिन के अच्छे स्रोत होते हैं। हरे पत्तेदार सब्ज़ियाँ प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ डी.एन.ए. को ठीक रखने में भी मदद करते हैं।  

क्रूसफेरस वेजीस: नीती देसाई के सूचना के अनुसार फूलगोभी, ब्रोकोली, लाल गोभी एन्टी कैंसर के गुण के साथ-साथ प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने वाले गुण के लिए भी जाना जाता है।  

रंग-बिरंगी सब्ज़ियाँ:  अपने बच्चों को हरी सब्ज़ियाँ खिलाने के साथ-साथ दूसरी सब्ज़ियाँ भी दें। इससे उनका खाने के प्रति रूची बढ़ेगी। नीती देसाई के अनुसार गाजर, बीटरूट, लाल और पीला पेपर, टमाटर, मीठा आलू एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं।

होल ग्रेन: बच्चों के खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ाने के लिए सिर्फ गेहूं और ज्वार की रोटियाँ बनाने के जगह पर मल्टीग्रेन या कई तरह के अनाज से रोटियाँ बनाने की कोशिश कीजिए।

दही: अगर आपका बच्चा सादा दही खाना पसंद न करें तो उसको स्वादिष्ट बनाने के लिए कुछ फल आदि डाल दें। नीती कहती हैं कि दही प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है क्योंकि इसमें अच्छा जीवाणु होता है जो पेट के किसी भी इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करता है।. 

लहसुन और प्याज़: लहसुन और प्याज़ एच.पाइलोरी (पेट में अल्सर) के इन्फेक्शन से बचने में मदद करता है। इसलिए नीती का कहना है कि बच्चों को इनको खाने के लिए बढ़ावा देना चाहिए। सिर्फ इस बात का ध्यान रखें कि इनको खाने के बाद बच्चे ब्रश ज़रूर कर लें। मुँह धो लेने से या ब्रश कर लेने से महक निकल जाता है।

चित्र स्रोत: Getty Images

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