
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Updated : May 13, 2026 9:44 AM IST
Hantavirus (Image AI Generated)
कोरोना महामारी से दुनिया रिकवर ही हुई थी कि अब हंतावायरस संक्रमण ने लोगों के बीच चिंता का बढ़ा दिया है। दक्षिण अटलांटिक में यात्रा कर रहे क्रूज शिप एमवी हॉन्डियस से फैले हंतावायरस संक्रमण के बाद कई देश अलर्ट पर आ गए हैं। इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर हंतावायरस के मामले और भी ज्यादा बढ़ सकते हैं। WHO के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने हंतावायरस को लेकर चेतावनी जारी है। उन्होंने कहा कि आने वाले हफ्तों में हंतावायरस के और मामले सामने आ सकते हैं। यह चेतावनी क्रूज जहाज ‘एमवी होंडियस’ से यात्रियों को सुरक्षित निकालने के बाद दी गई है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि फिलहाल दुनिया भर में इस वायरस का खतरा कम माना जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक हंतावायरस का इनक्यूबेशन पीरियड लंबा होता है। यानी वायरस शरीर में आने के बाद हंतावायरस के लक्षण दिखने में थोड़ा सा समय लग जाता है। इसलिए फिलहाल इस संक्रमण के ज्यादा मामले सामने नहीं आए हैं, लेकिन आने वाले समय में इस संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं।
Hantavirus (Image AI Generated)
डब्ल्यूएचओ के अनुसार अब तक हंतावायरस से जुड़े 11 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इस संक्रमण से अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्ट हो चुकी है। वहीं, इनमें से 9 मामलों में एंडीज वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि दो मामलों की जांच की जा रही है। डब्ल्यूएचओ ने सलाह दी है कि जहाज से निकाले गए सभी यात्रियों की 42 दिनों तक निगरानी की जाए। यह निगरानी घर या क्वारंटाइन सेंटर में रहकर की जा सकती है। यह प्रक्रिया 21 जून तक जारी रहेगी। अगर किसी व्यक्ति में बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत अलग करके इलाज शुरू किया जाएगा।
WHO ने हंतावायरस के मरीज और उनके संपर्क में आए हाई रिस्क पेशेंट को 42 दिनों तक स्वास्थ्य निगरानी और क्वारंटाइन में रखने की बात कही है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक हंतावायरस, खासकर एंडीज वायरस, का इनक्यूबेशन पीरियड लंबा हो सकता है। यानी वायरस शरीर में आने के बाद कई दिनों या हफ्तों तक कोई लक्षण नहीं दिखते। इसी वजह से डॉक्टर और स्वास्थ्य एजेंसियां 42 दिन तक निगरानी रखने की सलाह दे रही हैं ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सके।
हंता वायरस चूहों से फैलने वाली बीमारी है। (this image was generated by chatgpt)
WHO की रिपोर्ट के अनुसार, हंतावायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों या कृंतकों के मल, पेशाब और लार के संपर्क से फैलता है। कुछ मामलों में एंडीज वायरस इंसान से इंसान में भी फैल सकता है, इसलिए इंसानों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। WHO ने सलाह दी है कि जिन लोगों के घर और घर के आसपास चूहों की संख्या ज्यादा है, उन्हें हंतावायरस के प्रति ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
हंतावायरस के लक्षणों में प्रमुख रूप से शामिल हैः
डब्ल्यूएचओ ने फिलहाल कहा है कि वैश्विक स्तर पर हंतावायरस का खतरा कम है और बड़े प्रकोप के संकेत नहीं मिले हैं। इसलिए तुरंत यह कहना कि हंतावायरस के कारण एक बार फिर महामारी आएगी तो यह गलत होगा। हालांकि फिर भी सावधानी और निगरानी जारी रखने पर जोर देना जरूरी है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल आपकी जागरुकता के लिए हैं। अगर आपको कोई खास लक्षण महसूस हो तो परेशान न हो, समय पर डॉक्टर को दिखाकर जांच कराएं।