Advertisement

क्यों होता है गले में कैंसर ?

क्या मसूढ़ों की बीमारी गले में कैंसर होने का बढ़ाता है खतरा?

Written By Agencies
Published : December 4, 2017 11:14 AM IST

हाल के एक रिसर्च से ये पता चला है कि गले के कैंसर या आहारनाल के कैंसर के खतरे को रोकना है तो  मुँह की सही तरह से साफ-सफाई करने की है ज़रूरत।

नियमित रूप से दांतों की सफाई से एक और खतरे से बचा जा सकता है। दरअसल एक अध्ययन में पता चला है कि मसूढ़े की बीमारी के जीवाणुओं से आहारनाल में कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। कैंसर रिसर्च नामक पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में मुंह में पाए जाने वाले माइक्रोबायोटा (सूक्ष्मजीवों का समूह) और आहारनाल कैंसर के खतरों के बीच संबंधों की जांच-परख की गई।

Advertisement

अध्ययन में शामिल एक शोधकर्ता व न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के मेडिसिन विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर जियांग अह्न् ने बताया कि आहारनाल का कैंसर आठवां सबसे सामान्य तौर पर होने वाला कैंसर है, और दुनियाभर में सबसे ज्यादा कैंसर से होनेवाली मौत के मामले में इसका छठा स्थान है। दरअसल, रोग का पता तब तक नहीं चल पाता है, जब तक यह उच्च यानी खतरनाक चरण में न पहुंच जाए। आहारनाल का कैंसर होने के बाद पांच साल जीने की दर दुनियाभर में 15 से 25 फीसदी है।

उनका कहना है कि आहारनाल का कैंसर बहुत ही घातक कैंसर है। इसलिए इसकी रोकथाम, खतरों का स्तरीकरण और शुरुआत में पता चलने को लेकर नए मार्ग तलाशने की सख्त जरूरत है। आहारनाल में आमतौर पर जो कैंसर पाए जाते हैं, उनमें एसोफेजियल एडनोकारसिनोमा (ईएसी) और एसोफेजियल स्क्वेमस सेल कारसिनोमा (ईएसीसी) हैं।

Advertisement

अनुसंधानकर्ताओं ने अध्ययन में पाया कि टैनेरिला फोर्सिथिया नामक जीवाणु 21 फीसदी ईएसी कैंसर के खतरे बढ़ाने में जिम्मेदार थे। वहीं, ईएससीसी के खतरों के लिए पोरफाइरोमोनस जिंजिवलिस जीवाणु उत्तरदायी थे। ये दोनों प्रकार के जीवाणु आमतौर पर मसूढ़ों की बीमारियों में पाए जाते हैं।

सौजन्य: IANS Hindi

चित्र स्रोत: Shutterstock

About the Author

... Read More