गुल पनाग कर रही हैं फोन की लत से निपटने का प्रयास, जानें क्या होते हैं फोन एडिक्शन के खतरे

गुल ने कहा, ''अपनी फोन की लत से निपटने का प्रयास कर रही हूं। सबसे पहला कदम यह पहचानना है कि क्या आपको इसकी लत है?''

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Written By: Anshumala | Published : October 3, 2018 8:17 AM IST

अभिनेत्री गुल पनाग का कहना है कि वह अपनी फोन की लत से निपटने के लिए संघर्ष कर रही हैं। गुल ने मंगलवार को एक फोटो ट्विटर और इंस्टाग्राम पर साझा की, जिसमें वह अपने फोन के साथ नजर आ रही हैं।

इस फोटो के साथ एक संदेश में गुल ने कहा, "अपनी फोन की लत से निपटने का प्रयास कर रही हूं। सबसे पहला कदम यह पहचानना है कि क्या आपको इसकी लत है। तो क्या आपको लत है?"

गुल को जल्द ही 'बाइपास रोड' में अभिनेता नील नितिन मुकेश के साथ स्क्रीन साझा करते देखा जाएगा।

क्या कहते हैं शोध

एक शोध के अनुसार, आपका मोबाइल हैंडसेट पर्यावरण और हमारी सेहत के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हो रहे हैं। मोबाइल हैंडसेट तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले रसायनों और धातुओं की वजह से मिट्टी, पानी और हवा में जहर घुल रहा है। ये रसायन और धातु घातक बीमारियों का कारण बन सकते हैं। इनके प्रयोग से कई खतरनाक बीमारियां जन्मे ले रही हैं।

phone addiction is bad for health फोन की लत ड्रग्स की लत से कम नहीं है। © Shutterstock

हो सकते हैं बहरे

फोन की लत ड्रग्स की लत से कम नहीं है। फोन का जरूरत से ज्यादा प्रयोग शरीर पर बुरा प्रभाव डालता है। इस बात की पुष्टि कई शोधों में हो चुकी है। स्वीडन में हुए एक शोध के अनुसार, अधिक फोन की लत तनाव का भी कारण बनता है। खासतौर से महिलाओं में ये तनाव का प्रमुख कारण है। रात में बिस्तर पर सोने समय भी फोन की स्क्रीन पर ताकते रहते हैं तो ये आपकी नींद खराब कर सकता है। फोन से निकले वाली रोशनी शरीर की सिरकेडियन रिदम को प्रभावित करती है और ऐसे हार्मोन्स स्रावित करती है, जिससे सतर्कता सी बनी रहती है। इससे आपकी नींद खराब होती है।

आंखों पर होता है नकारात्मक असर

फोन के लगातार प्रयोग से आंखों पर भी उल्टा असर होता है। फोन की स्क्रीन कंप्यूटर की स्क्रीन से छोटी होती है, जिसकी वजह से मैसेज पढ़ने के लिए आंखों पर ज्यादा जोर देना पड़ता है। मोबाइल फोन से एक सामान्य व्यक्ति की फोकस करने की जो क्षमता होती है उसे प्रभावित करता है। फोन से निकलने वाला रेडिऐशन शरीर पर नकारात्मक असर डालता है। 2013 में हुए एक शोध की मानें तो फोन के अधिक प्रयोग से रक्त चाप बढ़ सकता है। ऐसे में आप हृदय रोग के शिकार हो सकते हैं। ये सुनने की क्षमता पर सीधे असर डालता है।

इनपुट: (आईएएनएस हिंदी)

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