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बच्चों को कोरोना वायरस की वैक्सीन (Corona Vaccination For Kids) लगाने की घोषणा का देश भर में लम्बे समय से इंतज़ार था क्योंकि, स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर उनके अभिभावक काफी चिंतित थे। बच्चों के माता-पिता चाहते हैं कि बच्चों को कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए उन्हें भी वैक्सीन दी जाए ताकि, बच्चों को निश्चिंत होकर स्कूल और कॉलेज भेजा जा सके। वहीं, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (All India Institute of Medical Sciences) के एक वरिष्ठ महामारी विशेषज्ञ ने किशोरावस्था के बच्चों को कोरोना की वैक्सीन लगाने के फैसले को 'अवैज्ञानिक' बताया।
समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. संजय के. राय, ने कहा है कि, "मैं राष्ट्र के लिए निस्वार्थ सेवा और सही निर्णय लेने के लिए पीएम मोदी का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। लेकिन बच्चों के टीकाकरण पर उनके अवैज्ञानिक निर्णय से मैं पूरी तरह निराश हूं।" डॉ. राय एम्स में वयस्कों और बच्चों के लिए कोवैक्सिन परीक्षणों के प्रमुख अन्वेषक भी हैं साथ ही वे इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि योजना को अमल में लाए जाने से पहले बच्चों के टीकाकरण पर अन्य देशों के डेटा का विश्लेषण किया जाना चाहिए।
बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में घोषणा की कि 15 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीनेशन टीकाकरण जनवरी 2022 में शुरू होगा। उन्होंने फ्रंटलाइन और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए 'एहतियाती' खुराक की भी घोषणा की।
इस बीच, हैदराबाद स्थित वैक्सीन निर्माता भारत बायोटेक के कोविड वैक्सीन कोवैक्सीन को शनिवार को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से 12-18 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए नए कोविड वैरिएंट ओमिक्रॉन के लिए बढ़ती चिंता के बीच आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी मिल गई।
समिति ने नोट किया था कि चरण 2/3 नैदानिक परीक्षणों के अंतरिम सुरक्षा डेटा की समीक्षा 26 अगस्त को एक बैठक में की गई थी। विस्तृत विचार-विमर्श के बाद समिति ने 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग के लिए टीके के प्राधिकरण के अनुदान की सिफारिश की थी। मंजूरी कुछ शर्तो के अधीन आपातकालीन स्थितियों में प्रतिबंधित उपयोग के लिए दी गई है।
इससे पहले गुुजरात स्थित फार्मा कम्पनी जायडस कैडिला (Zydus Cadila)की तीन खुराक वाली डीएनए वैक्सीन जायकोव-डी (Zycov-D) को 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों पर को आपातलकालीन स्थितियों में लगाने की अनुमति मिल चुकी है।
(आईएएनएस)