महंगी दवाओं से मिलेगी राहत! डायबिटीज, BP और हार्ट की बीमारियों समेत 30 दवाओं की कीमतें NPPA ने तय की

NPPA ने आम लोगों को राहत देते हुए डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और हार्ट की बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की कीमतें तय कर दी हैं। इससे महंगी दवाओं से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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Written By: Ashu Kumar Das | Updated : June 1, 2026 9:53 AM IST

पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बढ़ती कीमतों के बीच आम लोगों को दवाओं की खरीद पर थोड़ी राहत मिल सकती है। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट की बीमारी, संक्रमण और महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के लिए राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने 30 दवा फॉर्मूलेशनों की खुदरा कीमतें तय कर दी हैं। इस फैसले का फायदा खास तौर पर उन मरीजों को मिलेगा, जिन्हें लंबे समय तक दवाओं का सेवन करना पड़ता है। NPPA द्वारा दवा कीमतें तय किए जाने का उद्देश्य आम लोगों के बीच दवाओं का कोर्स पूरा करने के दौरान होने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है। उम्मीद लगाई जा रही है इस फैसले के बाद दवाओं की कीमत कम होने से लोग दवाएं खाना बीच में नहीं छोड़ेंगे और दवा के कोर्स को पूरा करेंगे।

किन दवाओं की कीमतें तय की गईं?

NPPA द्वारा डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई महत्वपूर्ण दवाएं शामिल हैं। इनमें एम्पाग्लिफ्लोजिन (Empagliflozin), सिटाग्लिप्टिन (Sitagliptin), मेटफॉर्मिन (Metformin), टेनेलिग्लिप्टिन (Teneligliptin) और डापाग्लिफ्लोजिन (Dapagliflozin) युक्त दवा की कीमतों को तय किया गया है। यह दवाएं ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मददगार होती हैं। इसके साथ ही, हार्ट की बीमारियां और हाई ब्लड प्रेशर को मैनेज करने वाली एटोरवास्टेटिन (Atorvastatin), टेल्मिसार्टन (Telmisartan), सिल्निडिपिन (Cilnidipine) और मेटोप्रोलोल (Metoprolol) जैसी दवाओं की कीमतें भी तय की गई हैं।

दवाओं की कीमतें तय होने से लोगों को राहत मिलेगी

एंटीबायोटिक्स की कीमतें भी तय

NPPA की सूची में संक्रमण के इलाज के लिए उपयोग होने वाले एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक दवाएं, विटामिन सप्लीमेंट्स और महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी शामिल हैं। इससे विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को सस्ती दरों पर दवाएं मिल सकेंगी।

मरीजों को कैसे होगा फायदा?

विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं की खुदरा कीमत तय होने से बाजार में अनावश्यक कीमतों की बढ़ोतरी पर रोक लगेगी। इससे मरीजों को सही कीमत पर दवाएं मिलेंगी और इलाज का कुल खर्च कम होगा। खासकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट की बीमारी जैसे क्रॉनिक रोगों से पीड़ित मरीजों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा। क्योंकि ऐसे लोगों को लंबे समय तक बीमारी को मैनेज करने के लिए दवाएं खानी पड़ती हैं।

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