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Written By: Atul Modi | Published : April 28, 2022 2:29 PM IST
ना सिर्फ हमारा देश बल्कि पूरी दुनिया काफी लम्बे अर्से से कोरोना से जूझ रही है। लगभ दो सालों के बाद एक फिर से कोरोना ने अपनी दस्तक दे दी है। सरकार भी लगातार सतर्कता बरतने की बात कर रही है और लोगों के लिए मास्क लगाना भी अनिवार्य कर चुकी है। इन सब परिस्थियों के बीच सरकार ने वैक्सीनेशन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए एक बार फिर से जोर लगाना शुरू कर दिया है। इस बीच सरकार ने कोविड-19 वैक्सीन की डोज के बीच भी समय सीमा निर्धारित करने पर विचार कर रही है।
जानकारों के मुताबिक़ सरकार बहुत जल्द कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी डोज और बतौर एहतियाती खुराक के बीच के अंतर को कम करने पर विचार कर रही है। जहाँ इन दोनों के बीच का अंतर लगभग नौ महीने से 6 महीने तक कम हो सकती है।
दूसरी डोज और एहतियाती खुराक के बीच के अंतर को कम करने को लेकर जानकारों से NTAGI द्वारा सिफारिश करने की सम्भावना जताई जा रही है। जिसकी बैठक भी बहुत जल्द होनी है। इन दोनों डोज के बीच के अंतर को कम करने का सुझाव इंटरनेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट और ICMR ने भी अपने सुझाव पेश किये हैं।
कोविड-19 वैक्सीन की डोज और एहतियाती डोज के बीच के अंतर को कम करने का सुझाव इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि, दोनों डोज के साथ इसकी प्राइमरी वैक्सीनेशन से लगभग 6 महीने के बाद एंटीबॉडी के स्तर को कम करता है और बूस्टर की मदद से इम्युनिटी बढ़ती है।
हमारे देश में बुजुर्गों की हेल्थ को देखते हुए और फ्रंट लाइन वर्कर्स के लिए बूस्टर डोज लगनी शुरू हो चुकी है। भारत सरकार ने 60 साल से ज्यादा के लिए बूस्टर डोज जरूरी की है। बात अगर हेल्थ मिनिस्ट्री की करें तो, अब तक 18 साल से 59 साल तक के लोगों को 5 लाख 17 हजार 547 को बूस्टर डोज दी जा चुकी है। वहीं 47 लाख 36 हजार 5 सौ 67 बूस्टर डोज हेल्थ वर्कर्स, 74 लाख 47 हजार 1 सौ 84 फ्रंट लाइन वर्कर्स और 60 साल से ज्यादा 1 करोड़ 45 लाख 45 हजार 5 सौ 95 लोगों को बूस्टर डोज लगाई जा चुकी है। ये आंकड़े खुद हेल्थ मिनिस्ट्री ने जारी किये हैं।
आपको बता दें कि, देश में 10 अप्रैल साल 2022 से प्राइवेट वैक्सीनेशन सेंटर में 18 साल से ज्यादा के लोगों को बूस्टर डोज देनी शुरू कर दी है।