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Written By: Anshumala | Published : October 3, 2018 2:05 PM IST
''गोबजिंगा मोमो फेस्टिवल'' में 300 प्रकार के मोमोज का जायका लेने का मौका मिलेगा। © Shutterstock
मोमोज खाने के शौकीनों की कोई कमी नहीं। जिन्हें मोमोज बेहद पसंद है, उनके लिए यह खबर अच्छी हो सकती है। दरअसल, ''मोमो फेस्टिवल'' राजधानी में वापस आ गया है। यह फेस्टिवल शनिवार से शुरू होने वाला है। दो दिवसीय इस कार्निवल में मोमो प्रेमियों को देश भर से 300 प्रकार के मोमोज का जायका लेने का मौका मिलेगा।
'गोबजिंगा मोमो फेस्टिवल बाई मैगी हॉट एंड स्वीट सॉस' के इस संस्करण में थाई से लेकर प्रॉन मोमोज, चॉकलेट से लेकर अफगानी मोमोज, पिज्जा मोमोज से लेकर वोदका मोमोज व विभिन्न प्रकार के मोमोज को चखने का मौका मिलेगा। लोग स्टीम मोमोज, तला हुआ, तंदूरी, ग्रेवी, शाकाहारी और नॉन-वेजिटेरियन मोमोज का लुत्फ भी उठा सकेंगे। इसे भी पढ़ें- पापड़ भी कर सकता है आपको बीमार, जानें कैसे
इस फेस्टिवल में कॉपी कैट्स, ट्रैफिक जैम और पराशरा जैसे बैंड द्वारा लाइव प्रस्तुति भी दी जाएगी।
हालांकि, जब आप इस फेस्टिवल में जाएं, तो टूट कर मोमोज खाने से बचें। ऐसा इसलिए जरूरी है, क्योंकि अधिक मोमोज का सेवन भी पेट के लिए ठीक नहीं होता है। जानें, मोमोज खाने से होने वाले सेहत को क्या हो सकते हैं नुकसान-
मैदा से बने मोमोज खाने के नुकसान
- दरअसल, मोमोज बनाने के लिए मैदे का इस्तेमाल होता है। यदि आप हर दिन या एक बार में ही ढेर सारे मोमोज खाएंगे, तो कई साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। मैदा परिष्कृत गेंहू का आटा होता है। इसमें फाइबर की मात्रा न के बराबर होती है। मैदे को सफेद और चमकदार बनाने के लिए बेंजोइल पेरॉक्साइड से ब्लीच किया जाता है, जो कि बहुत हानिकारक होता है।
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- चूंकि, मोमोज की स्टफिंग को भरने के लिए मुख्य रूप से मैदा का ही इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए मैदा खाने से बॉडी में शुगर लेवल बढ़ जाता है। इसमें हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है।
- ब्लड शुगर बढ़ना शरीर के लिए ठीक नहीं है। इससे खून में ग्लूकोज जमने लगता है। ऐसे में शरीर में केमिकल रिएक्शन होता है, जिससे गठिया और ह्रदय संबंधी बीमारियां होने लगती हैं।
- मैदे से बने मोमोज में फाइबर नहीं होता है। इसके अत्यधिक सेवन से पेट में कब्ज की समस्या हो सकती है। आपको कब्ज से सिर में दर्द और मिचली जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
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- जो लोग नियमित रूप से मैदे से बने मोमोज या अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है।
- मैदा बनाने के दौरान, इसमें से प्रोटीन निकल जाता है। इससे यह एसिडिक बन जाता है। यह हड्डियों से कैल्शियम को अवशोषित करता है, जो हड्डी को कमजोर कर देते हैं।
- मैदे में ग्लूटन होता है। इससे फूड एलर्जी होने का खतरा रहता है। ग्लूटन खाने को लचीला बनाकर मुलायम टेक्सचर देता है।
इनपुट: (आईएएनएस हिंदी)