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Written By: Kishori Mishra | Published : April 10, 2020 11:09 AM IST
कई बीमारियों के लिए रामबाण है गिलोय का जूस, जानें कैसे करें तैयार
गिलोय (Giloy) का बेल आपने अपने आस-पास जरूर देखा होगा, लेकिन इसके बारे में जानकारी ना होने के कारण इसे पहचान नहीं पाए होंगे। अक्सर लोग गिलोय का बेल (Giloy) अपने घरों को सजाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इसकी पत्तियां पान के आकर की होती हैं। गिलोय (Giloy) के बेल का हर एक पार्ट सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इसकी पत्तियों में कैल्शियम, प्रोटीन, फॉस्फोरस पर्याप्त रूप में पाया जाता है। इसके साथ ही इसकी शाखाओं में स्टार्च की भी अच्छी मात्रा होती है। कई बीमारियों को ठीक करने के लिए गिलोय का इस्तेमाल किया जाता है। इससे एक बेहतरीन पावर ड्रिंक तैयार किया जा सकता है। गिलोय के जूस से इम्यून सिस्टम बूस्ट होता है, जो कई बीमारियों से हमारी रक्षा करता है।
गिलोय (Giloy) के पौैधों की कुछ शाखाएं लें, इन्हें अच्छी तरह से साफ करें। अब एक चाकू की सहायता से इन शाखाओं के बाहरी स्किन को खुरचें। शाखा को तबतक खुरचें, जबतक इसका फ्रेशर और ग्रीनर भाग दिखने ना लगे। अब इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इन टुकड़ों को एक ब्लेंडर में डालें, इसके एक कप पानी डालकर इसे अच्छी तरह से पीसें। आपका गिलोय का जूस तैयार है, रोजाना इस जूस को पीने से कई तरह की समस्या ठीक होती है।
अगर आप रोजाना गिलोय के जूस (Giloy) का सेवन करते हैं, तो इससे इम्यून सिस्टम बूस्ट होगा। दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर जारी है, जिन लोगों का इम्यून कमजोर होता है वे कोरोना की चपेट में जल्दी आ सकते हैं। इसलिए अगर आपका इम्यून कमजोर है, तो रोजाना एक गिलास गिलोय का जूस पिएं।
गिलोय (Giloy) शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और शरीर में खून की कमी को दूर करता है। इसके लिए प्रतिदिन सुबह-शाम गिलोय का रस घी या शहद मिलाकर सेवन करने से शरीर में खून की कमी दूर होती है।
डायबिटीज के रोगियों के लिए गिलोय (Giloy) का जूस काफी फायदेमंद होता है। गिलोय में हाइपोग्लाइसेमिक तत्व पाए जाते हैं, जो टाइप-2 डायबिटीज के रोगियों के लिए काफी अच्छा माना जाता है। शरीर में शुगर लेवल अधिक होने पर यह तत्व उसे कंट्रोल करने में हमारी मदद करता है।
गिलोय (Giloy) के रस या गिलोय के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से पेट से संबंधित सभी रोग ठीक हो जाते है। इसके साथ ही आप गिलोय (Giloy) और शतावरी को साथ पीस कर एक गिलास पानी में मिलाकर पकाएं। जब उबाल कर काढ़ा आधा रह जाये तो इस काढ़े को सुबह-शाम पीयें।
अगर आपके पैरों में जलन होती है और बहुत उपाय करने के बाद भी आपको कोई फायदा नहीं हो रहा है तो आप गिलोय का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए गिलोय के रस को नीम के पत्ते एवं आंवला के साथ मिलाकर काढ़ा बना लें। प्रतिदिन 2 से 3 बार इस काढ़े का सेवन करें इससे हाथ पैरों और शरीर की जलन दूर हो जाती है।
गिलोय का सेवन पीलिया रोग में भी बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए गिलोय का एक चम्मच चूर्ण, काली मिर्च अथवा त्रिफला का एक चम्मच चूर्ण शहद में मिलाकर चाटने से पीलिया रोग में लाभ होता है। या गिलोय के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें। एक चम्मच रस को एक गिलास मट्ठे में मिलाकर सुबह-सुबह पीने से पीलिया ठीक हो जाता है।
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