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मुंबई में कोरोना मरीजों में दिख रही हैं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं, जानें इसके कारण, लक्षण

मुंबई में कोविड के मामले धीरे-धीरे कम होते नजर आ रहे हैं, लेकिन डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना के कारण गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं लोगों में अधिक हो रही हैं।

Written By Anshumala
Published : January 26, 2022 6:22 PM IST

Gastrointestinal problem in Corona patients: जब से देश में कोरोना महामारी की शुरुआत हुई है, तब से कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र रहा है। कोरोना का कोई भी वेरिएंट हो, चाहे डेल्टा, ओमिक्रोन, सबसे अधिक संक्रमित लोगों की संख्या इसी राज्य में सामने आई है। आज भी ओमिक्रोन के मामले महाराष्ट्र में ही अधिक हैं। हालांकि, मुंबई शहर की बात करें तो अब कोविड के मामले धीरे-धीरे कम होते नजर आ रहे हैं। लेकिन, डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना के कारण पेट से संबंधित समस्याएं लोगों में अधिक हो रही हैं। कोरोना से संक्रमित लोगों में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं (Gastrointestinal problem) जैसे उल्टी, भूख में कमी, पेट दर्द आदि देखी जा रही हैं। डॉक्टर्स का ये भी कहना है कि डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित होने के बाद ठीक हो चुके लोगों में गैस्ट्रोएसोफेगल रिफलक्स डिजीज, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं नजर नहीं आई हैं। फिलहाल डॉक्टर्स तीसरी लहर में इस बीमारी से ग्रस्त एक दिन में चार मामले देख रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, हाल में कोरोना मरीजों के इलाज में कई तरह की दवाओं का उपयोग किया गया है, साथ ही कुछ लोग खुद से दवाएं ले रहे हैं, घरेलू काढ़ा का सेवन इतना अधिक करने लगे हैं, जिसके कारण गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं हो सकती हैं। पिछले साल हुए एक शोध में शोधकर्ताओं ने कहा था कि जिन लोगों को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएंजैसे जी मिचलाना, पेट दर्द, उल्टी, दस्त आदि की हो, तो उनमें कोरोना से संक्रमित होने का खतरा अधिक होता है। जठरांत्र या गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संबंधित समस्याओं से बचने के लिए ट्राई करें ये घरेलू उपाय....

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गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या होने के कारण

कई बार पेट में बैक्टीरिया, वायरस, हानिकारक केमिकल्स, दवाओं का सेवन से पेट संबंधित समस्याएं हो जाती हैं। इसके अलावा, दूषित भोजन करना, दूषित पानी, बेकार हो चुके फल, सब्जियों, ब्रेड, बासी भोजन करने से भी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं होती हैं। खानपान में हाइजीन का ख्याल ना रखना, इम्यूनिटी कमजोर होने से भी आपको पेट की समस्या हो सकती है।

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या के लक्षण

पेट में दर्द होना, सूजन, मरोड़, ऐंठन, उल्टी, जी मिचलाना, दस्त, बुखार होना, भूख ना लगना, पाचन तंत्र में इंफेक्शन होना आदि जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।

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