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कोलेरेक्टल कैंसर पाचन तंत्र के निचले हिस्से में होता है। आंकड़ों की बात करें तो इसकी चपेट में हर साल लाखों लोग आते हैं। शोध में यह पाया गया है कि जो लोग लहसुन और प्याज का सेवन करते रहते हैं तो उनके पाचन तंत्र में किसी प्रकार के रोग होने की संभावना अन्य लोगों से कम होती है। ©pixabay
कोलोरेक्टल कैंसर से अगर बचकर रहना है तो लहसुन, प्याज का सेवन डेली डाइट में करना चाहिए। हाल ही में हुए एक शोध में यह पाया गया है कि जो लोग लहसुन, प्याज का सेवन करते हैं उनमें कोलेरेक्टल कैंसर की संभावना कम हो जाती है।
कोलेरेक्टल कैंसर पाचन तंत्र के निचले हिस्से में होता है। आंकड़ों की बात करें तो इसकी चपेट में हर साल लाखों लोग आते हैं। शोध में यह पाया गया है कि जो लोग लहसुन और प्याज का सेवन करते रहते हैं तो उनके पाचन तंत्र में किसी प्रकार के रोग होने की संभावना अन्य लोगों से कम होती है।
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शोध में पाया गया कि जो लोग लहसुन-प्याज या एलियम वाली सब्जी का सेवन करते थे उनमें कोलोरेक्टल कैंसर होने की संभावना 79 प्रतिशत कम थी। शोध में 833 लोगों को शामिल किया गया था।
चीन के फर्स्ट हॉस्पिटल ऑफ चीन मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता ज़ी ली के अनुसार ''इस शोध में एक विशेष प्रवित्ति प्रतीत होती है जो यह बताती है कि एलियम सब्जियों का सेवन आपको बेहतर सुरक्षा प्रदान कर सकता है।''
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शोधकर्ता आगे कहते हैं कि ''सामान्य तौर पर यह शोध जीवनशैली पर आधारित है जो प्राथमिक तौर पर कोलोरेक्टल कैंसर की रोकथाम पर प्रकाश डालता है। इसके बारे में और अधिक अन्वेषण की जरूरत है।''
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े बताते हैं कि कोलोरेक्टल कैंसर दुनिया भर में सबसे आम कैंसर में से एक है, जिसमें 1.80% मामलों के साथ पुरुष सबसे ज्यादा शिकार होते हैं। 2018 में भी 862,000 मौतें हुईं हैं।
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भारत में भी यह संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि अध्ययन ने एलियम के बीच किसी भी कारण संबंध को प्रदर्शित नहीं किया और यह कैंसर के खिलाफ प्रतिरोध है, लेकिन वैज्ञानिक आशावादी हैं कि यह जोखिम को कम करने के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ कदम साबित हो सकता है।