Covid-19: अब कोरोना मरीजों में दिखे साइटोमेगालोवायरस के गंभीर लक्षण, ब्लीडिंग का बनता है कारण, जानिए लक्षण

भारत ने कोरोना वायरस इम्युनोकोम्पेटेंट रोगियों में साइटोमेगालोवायरस (CVM) से जुड़े ब्लीडिंग के पांच मामले दर्ज किए हैं। कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद इस तरह का ये पहला मामला है, इससे एक व्यक्ति की मौत भी हुई है.

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Written By: Atul Modi | Updated : June 30, 2021 10:55 AM IST

भारत में पहली बार कोरोनावायरस के मरीजों में साइटोमेगालोवायरस के लक्षणों (Cytomegalovirus Symptoms) का पता चला है. दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में को इम्युनोकोम्पेटेंट रोगियों (जिनका इम्यूनो रेस्पॉन्स नार्मल होता है) में साइटोमेगालोवायरस से जुड़े रेक्टल ब्लीडिंग (Rectal Bleeding) के 5 मामले सामने आए. इन सभी रोगियों ने कोरोनावायरस होने के बाद इस स्थिति का अनुभव किया.

सर गंगा राम अस्पताल में सीनियर डॉक्टरों के एक ग्रुप द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-मई में कोरोनावायरस की दूसरी लहर के दौरान इन मामलों का पता चला. कोरोनावायरस के संक्रमण दिखने के करीब 20 से 30 दिनों बाद सभी रोगी कोविड-19 इम्युनोकोम्पेटेंट थे और शौच के रास्ते से ब्लीडिंग और पेट में दर्द का अनुभव किया।

चिकित्सकों ने अपने रिपोर्ट में बताया है कि 2 रोगियों को बड़े स्तर पर ब्लीडिंग का अनुभव हुआ था, जबकि एक व्यक्ति की सर्जरी करनी पड़ी जिसमें उसके बड़े आंत के दाहिने हिस्से को हटाना पड़ा था, उनमें से एक ने भारी रक्तश्राव (Bleeding) और कोरोना से जुड़ी गंभीर फेफड़ों की बीमारी (Lung Diasease) से दम तोड़ दिया।

सर गंगा राम अस्पताल में इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड पैन्क्रियाटिकोबिलरी साइंसेज के अध्यक्ष डॉ अनिल अरोड़ा ने कहा, "अन्य तीन मरीजों का गैनिक्लोविर के साथ एंटीवायरल थेरेपी से सफलतापूर्वक इलाज किया गया।"

साइटोमेगालोवायरस क्या है

साइटोमेगालोवायरस एक सामान्य वायरस है। यह स्वस्थ लोगों में बहुत कम देखने को मिलता है मगर जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है उन लोगों पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक बार जब कोई व्यक्ति इस वायरस से संक्रमित हो जाता है, तो वह इससे जीवन भर प्रभावित रहता है। यह संक्रमित व्यक्ति के खून, लार, मूत्र या शरीर के अन्य तरल पदार्थों से फैलता है।

साइटोमेगालोवायरस के लक्षण

यह वायरस केवल कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को प्रभावित करता है, इसलिए साइटोमेगालोवायरस से संक्रमित लोग इसे नहीं जानते हैं। संक्रमण के कुछ शुरुआती लक्षण हैं:

  • गले में खराश
  • मांसपेशियों में दर्द
  • थकान
  • ग्रंथियों में सूजन
  • बुखार

ऐसा कहा जाता है कि यह वायरस उन क्षेत्रों में तेजी से फैलता है जहां बहुत सारे छोटे बच्चे होते हैं, जैसे डे-केयर सेंटर या प्री-नर्सरी। वहीं दूसरी ओर, साइटोमेगालोवायरस की कुछ गंभीर जटिलताएं फेफड़े, लिवर, डाइजेस्टिव सिस्टम, पेट, आंतों और मस्तिष्क पर प्रभाव डाल सकती हैं।

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