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Written By: Editorial Team | Published : September 13, 2018 10:45 PM IST
फुल क्रीम दूध पीने से दिल रहता है स्वस्थ। © Shutterstock
अक्सर लोग कम फैट वाला दूध ही पीना पसंद करते हैं। उन्हें लगता है कि लो फैट मिल्क पीने से वजन नहीं बढ़ता और दिल की सेहत भी दुरुस्त रहती है। हाल ही में हुए कनाडा के मैकमास्टर यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि फुल क्रीम वाला दूध दिल की सेहत के लिए अधिक बेहतर होता है।
शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन में लगभग 21 देशों के 35 से 70 वर्ष के बीच के 136,384 लोगों को शामिल किया। यह अध्ययन नौ वर्षों तक चला। इस दौरान डेयरी उत्पादों के सेवन से स्वास्थ्य पर असर की निगरानी की गई। अध्ययन के लिए प्रतिभागियों को चार अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया। एक ग्रुप के लोगों ने डेयरी उत्पाद बिल्कुल भी नहीं खाया, वहीं दूसरे ग्रुप के लोग एक दिन में एक बार, तीसरे ग्रुप के लोग एक दिन में दो बार और चौथे ग्रुप के लोगों में एक दिन में दो बार से अधिक खाने वाले थे।
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डेयरी उत्पादों में कम वसा और पूर्ण वसा दूध के उपभोग को भी ध्यान में रखा गया। अध्ययन के नतीजों में शोधकर्ताओं ने पाया, डेयरी उत्पाद न लेने वालों के मुकाबले जिन लोगों ने एक दिन में दो से अधिक बार डेयरी उत्पाद लिए थे, उनमें मृत्यु दर कम थी और दिल की बीमारी कार्डियोवैस्कुलर होने या स्ट्रोक का खतरा कम था। अध्ययन के नतीजे द लैंसेंट जर्नल में प्रकाशित हुए हैं। इसके अलावा जिन लोगों ने पूर्ण वसायुक्त डेयरी उत्पाद एक दिन में तीन बार खाए, उनमें दिन की बीमारी का अनुभव करने की संभावना कम थी।
अध्ययन की प्रमुख लेखक डॉ. महशीद देहघान बताती हैं कि कम वसा वाली चीजें लोग इसलिए पसंद करते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि संतृप्त वसा कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है। वह कहती हैं, लेकिन डेयरी उत्पादों में कई अन्य घटक भी होते हैं, जो सेहत के लिए अच्छे हो सकते हैं। मसलन, अमीनो एसिड, विटामिन के, कैल्शियम, मैग्नीशियम। उन्हें किण्वित किया जा सकता है और प्रोबायोटिक हो सकते हैं। हमें एक पोषक तत्व पर ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहिए। अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि डेयरी उत्पाद मृत्यु दर और कार्डियोवैस्कुलर बीमारी से बचा सकते हैं।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, मक्खन और पनीर की तुलना में दूध और दही के नियमित सेवन से मृत्यु दर कम करने और सेहतमंद बनाने पर अधिक प्रभाव पड़ा। इससे पहले हुए अध्ययनों में विशेषज्ञों ने संतृप्त वसा खाने के स्पष्ट हानिकारक प्रभाव के कारण पूर्ण वसा वाले डेयरी उत्पादों से परहेज करने का सुझाव दिया था।