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स्वास्थ्य संबंधी खतरों और भ्रामक दावों के चलते प्रोटीन सप्लीमेंट्स पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई, अब लागू होगा नया नियम!

जल्दी बॉडी बनाने के चक्कर में यदि आप सप्लीमेंट का उपयोग करते हैं, तो सावधान हो जाएं। FSSAI अब ऐसे कई सप्लीमेंट पर नकेल कसने जा रहा है जो चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित नहीं है और भ्रामक विज्ञापन देकर उपभोक्ताओं को भ्रमित करते हैं।

स्वास्थ्य संबंधी खतरों और भ्रामक दावों के चलते प्रोटीन सप्लीमेंट्स पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई, अब लागू होगा नया नियम!

Written by Atul Modi |Published : July 2, 2024 9:15 PM IST

यदि आप भी बॉडी बनाने के लिए सप्लीमेंट लेते हैं, तो सावधान हो जाए। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) उन प्रोटीन सप्लीमेंट पाउडर और शेक पर नकेल कस रहा है, जो चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित नहीं हैं या भ्रामक दावे करते हैं। एक सर्वे में पा गया कि भारत के 36 सबसे लोकप्रिय प्रोटीन पाउडरों में से लगभग 70% ने गलत जानकारी प्रदर्शित की। जबकि कुछ ब्रांड अपने दावे का केवल आधा ही बताते हैं।

FSSAI यह कार्रवाई क्यों कर रहा है?

FSSAI ने यह कार्रवाई उस समय शुरू किया जब उसे पता चला कि स्टोर्स, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और जिम में बेचे जाने वाले कई प्रोटीन पाउडर और सप्लीमेंट के झूठे और भ्रामक प्रचार किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई से ऐसे कई उत्पादों पर प्रतिबंध लग सकता है, जो मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं।

फिटनेस के बारे में बढ़ती जागरूकता और लोकप्रियता के कारण हेल्थकार्ट और अमेजन जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर प्रोटीन सप्लीमेंट्स की भरमार लगी हुई है। यहां पर दो से तीन किलो किलोग्राम सप्लीमेंट करीब ₹2000 से ₹6800 तक में बिक रहे हैं। आप भी यहां से सप्लीमेंट खरीदना चाहते हैं तो सावधान हो जाए। क्योंकि ये सप्लीमेंट डुप्लीकेट भी हो सकते हैं, जो आपको स्वस्थ करने के बजाय हानि पहुंचा सकते हैं।

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70% प्रोटीन की गलत जानकारी

एक सर्वे में भारत में बिकने वाले 36 लोकप्रिय प्रोटीन सप्लीमेंट्स का विश्लेषण किया गया था। जिसमें पता चला कि उनमें से लगभग 70% में प्रोटीन की गलत जानकारी दी गई थी। कुछ ब्रांड केवल आधे से ज़्यादा प्रोटीन दे रहे थे। इसके अलावा, उनमें से लगभग 14% में हानिकारक फंगल एफ्लाटॉक्सिन थे, जबकि 8% में कीटनाशक अवशेषों के निशान थे।

अधिकांश सप्लीमेंट खराब गुणवत्ता के

अधिकांश भारतीय निर्मित हर्बल प्रोटीन-आधारित सप्लीमेंट खराब गुणवत्ता वाले होते हैं। उनमें लीवर के लिए विषाक्त पदार्थ होते हैं। प्रोटीन या सप्लीमेंट पाउडर के मार्केट में आने से पहले उसकी जांच की आवश्यकता होती है। लेकिन आर्केट में कई नकली सप्लीमेंट मौजूद हैं।

सप्लीमेंट को लेकर नया कानून बनाने जा रहा FSSAI

FSSAI सप्लीमेंट को लेकर एक नया कानून बनाने जा रहा है। जिसमे मार्केट में आने से पहले सभी सप्लीमेंट का अनिवार्य जांच और सटीक लेबलिंग भी अनिवार्य की जाएगी। जिसके तहत निर्माताओं को प्रोटीन सामग्री, अवयवों, एलर्जी और अनुशंसित खुराक के बारे में स्पष्ट और सटीक जानकारी प्रदान करना होगा।

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सप्लीमेंट खरीदने से पहले विशेष ध्यान दें!

यदि आप सप्लीमेंट खरीदने जा रहे हैं तो आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान देना चाहिए। जैसे लेवल को ध्यान से पढ़ें, प्रोटीन सामग्री, एनर्जी, अनुशंसित खुराक को ध्यान से पढ़ें, इसके बाद ही खरीदें। कोशिश करें कि प्रतिष्ठित ब्रांड खरीदें, इससे आप नकली या घटिया उत्पाद के सेवन से बच सकते हैं। हालांकि आप किसी भी सप्लीमेंट को खरीदने जाएं, तो सबसे पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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