
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : December 3, 2024 10:38 PM IST
Packaged water counted High Risk Food Category: जिस मिनरल वॉटर और बोतलबंद पानी को आप सुरक्षित और सेफ मानकर रोजाना पीते हैं, अब उसका सेवन करने से पहले सावधान रहें। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर और मिनरल वाटर को हाई रिस्क वाले फूड्स की लिस्ट में शामिल करने की घोषणा की है। इस नये फैसले के अनुसार, बोतलों में बिकनेवाला पानी अब 'उच्च जोखिम वाले खाद्य पदार्थों की श्रेणी' में गिना जाएगा। इस श्रेणी में शामिल चीजें अनिवार्य निरीक्षण और तीसरे पक्ष के ऑडिट के बाद ही लोगों के लिए उपलब्ध की जा सकेंगी। बता दें कि, अक्टूबर महीने में एक निर्णय लिया गया था जिसके अनुसार, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से सर्टिफिकेट्स से जुड़े नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं।
भारत में पैकेज्ड वॉटर यानि बोतलबंद पानी और मिनरल वॉटर के उत्पादन में जुड़ी कंपनियों को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) से लाइसेंस प्राप्त करने पड़ते हैं। इसके अलावा उन्हें भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से भी एक सर्टिफिकेट लेना जरूरी होता है। वहीं, अब भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने बोतलबंद पानी और मिनरल वॉटर को 'उच्च जोखिम वाले खाद्य श्रेणी' में शामिल कर दिया है। इसे मिनरल वॉटर कम्पनियों (mineral water companies) के लिए एक बड़े शॉक के तौर पर देखा जा रहा है।
दूषित पानी से होने वाली बीमारियों (diseases froma contaminated water)से बचाव के लिए पैकेज्ड वॉटर बाजार में उपलब्ध कराए जाते हैं और लोग इनपर विश्वास करके इन्हें खरीदते भी हैं। पैकेज्ड वॉटर को फैक्ट्री में पहले फिल्टर करके साफ किया जाता है फिर उसके बाद इस पानी में कुछ जरूरी मिनरल्स (minerals in water) मिलाए जाते हैं। नये नियमों के अनुसार, पानी को पीने योग्य और सुरक्षित बनाए (safe drinking water) रखने के लिए FSSAI का सर्टिफिकेट और BIS मार्क प्राप्त करना होगा।