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भारत समेत दुनियाभर में दिल की बीमारियां बड़ी तेजी से बढ़ रही हैं। लेकिन चिंता की बात ये है कि भारत जैसे देश में रहने वाले आम लोगों के लिए इसका इलाज काफी महंगा है। इसी चीज को समझते हुए राजकोट और अहमदाबाद स्थित श्री सत्य साईं सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने झारखंड के एक हजार हृदय रोगियों का मुफ्त इलाज करने का फैसला किया है। दरअसल, हृदय रोगियों का मुफ्त इलाज करने को लेकर झारखंड सरकार (free treatment for heart patients in Jharkhand) और श्री सत्य साई हॉस्पिटल्स का संचालन करने वाली संस्था प्रशांति मेडिकल सर्विस एंड रिसर्च फाउंडेशन के बीच एक एमओयू साइन हुआ है। इस एमओयू के तहत झारखंड के 1 हजार रोगियों का मुफ्त इलाज किया जाएगा।
इस दौरान सरकार ने 'राज्य हृदय चिकित्सा योजना' को स्वीकृति दी है। गौरतलब है कि इस दौरान झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मौजूद थे। इस दौरान जब एमओयू साइन करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के जो हृदय रोगी पैसे के अभाव में इलाज नहीं करा पाते थे, उनके लिए यह योजना प्रभावी साबित होगी। यह योजना सबके लिए हृदय रोग के इलाज को आसान बनाने में मदद करेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि योजना के अंतर्गत राज्य के सभी वर्गों के लोगो को फायदा मिलेगा। खास बात ये है कि झारखंड सरकार रोगियों को इन हॉस्पिटल्स में आने-जाने के लिए अलग से 10,000 रुपये की राशि देगी। ताकि वे आराम से जा सके और अपना इलाज करवा सकें।
बता दें कि इस दौरान बताया गया है कि अहमदाबाद स्थित साईं हृदय अस्पताल में 3 महीने से लेकर 18 साल तक के बीच के बच्चों का इलाज होगा। तो वहीं, राजकोट में 18 से 65 साल तक के हृदय रोगियों का इलाज होगा।
इस दौरान मरीजों की स्क्रीनिंग जिला स्तर पर कराई जाएगी। इस एमओयू के तहत पीएमएसआरएफ जिलों में फ्री स्क्रीनिंग कैंप लगाएगा। साथ ही इसके आयोजन में राज्य सरकार की ओर से अस्पताल अथवा मेडिकल कालेज का परिसर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद जिन लोगों को ऑपरेशन की जरुरत होगी उन पर निर्णय लिया जाएगा और इन्हें राजकोट और अहमदाबाद के अस्पताल में रेफर किया जाएगा। एमओयू के अनुसार फाउंडेशन मरीजों से प्री एवं पोस्ट मेडिकल डायग्नोसिस, जांच, इलाज, दवाओं, आईसीयू एवं इम्प्लांट आदि के लिए फंड ग्रांट करेगा।
इस तरह आम लोग जो कि दिल की बीमारियों का सही से इलाज नहीं करवा पाते और कई बार उनकी मृत्यु हो जाती है, वो अपना इलाज करवा पाएंगे। साथ ही इससे हजारों लोगों को जीवनदान मिल सकता है।