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Written By: Anshumala | Published : August 26, 2019 12:09 PM IST
गुरुग्राम में वरिष्ठ नागरिकों के लिए निशुल्क 'मेगा हेल्थ कैंप' का आयोजन किया गया।
लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के प्रयास के तहत फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (गुरुग्राम) ने गुरुग्राम स्थित 'आइडियल सीनियर सिटीजन फेडरेशन' के सहयोग से वरिष्ठ नागरिकों के लिए मल्टीस्पेशियल्टी स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में 600 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों ने हिस्सा लिया और मुफ्त डॉक्टरी परामर्श, मेडिकल सेवाओं और जांच कराने का लाभ उठाया।
शिविर में हिस्सा लेने वालों को हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टर्स ने चिकित्सा परामर्श दिए।
शिविर आयोजित करने का मुख्य मकसद वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य चुनौतियों से संबंधित जागरूकता फैलाना और इस उम्र में स्वास्थ्य समस्याओं के अधिक खतरे के बारे में उन्हें जानकारी देना था। यह शिविर ऐसा आयोजन था, जहां विभिन्न बीमारियों, इसकी डायग्नोसिस, इलाज और अन्य मध्यस्थता को लेकर लोगों को जागरूक तथा शिक्षित किया गया। गुरुग्राम के लोगों ने ब्लड कैंसर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, गायनोकोलॉजी, कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, नेफ्रोलॉजी और ऑप्थैल्मोलॉजी से संबंधित बीमारियों पर विभिन्न क्षेत्रों के मेडिकल स्पेशियलिस्ट से लेकर निदेशकों की ओर से परामर्श लिए।
शिविर में हिस्सा लेने वाले सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर्स में हीमेटोलॉजी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट के डायरेक्टर और विभागाध्यक्ष डॉ. राहुल भार्गव, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनोकोलॉजी के निदेशक डॉ. नुपुर गुप्ता, ऑर्थोपेडिक्स के डायरेक्टर, प्रमुख डॉ. सुभाष जांगिड़ और नॉन इनवेसिव कॉर्डियोलॉजी के डॉ. शरद टंडन शामिल थे, जिन्होंने बुजुर्गों से संबंधित बीमारियों से संबंधित मुफ्त परामर्श दिए।
इसके अलावा बुजुर्गों में ब्लड डिसऑर्डर, कार्डियोलॉजी समस्याओं और समस्याओं समेत बुजुर्ग महिलाओं से जुड़ी समस्याओं के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए शिविर में नि:शुल्क ब्लड प्रेशर चेकअप, इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी), कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) चेकअप, बीएमडी जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। शिविर में बुजुर्गों का यूरिन डिपॉजिट टेस्ट भी कराया गया।
फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रितु गर्ग ने कहा, 'स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के तौर पर हमारा मुख्य मकसद लोगों को इस बारे में शिक्षित करना है कि स्वस्थ जीवनशैली कैसे अपनाई जाए। हमारा मकसद लोगों को किसी बीमारी के लक्षणों के प्रति जागरूक करना और शुरुआती चरण में ही उसकी पहचान के महत्व के बारे में समझाना है।
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