स्वच्छ भारत, स्वच्छ गुरुग्राम पर जागरूकता बढ़ाने को लेकर ‘अरावली हिल्स’ में किया गया वृक्षारोपण, लगाए गए 1100 पौधे

स्वच्छ भारत, स्वच्छ गुरुग्राम पर जागरूकता बढ़ाने को लेकर गुरुग्राम में ‘अरावली हिल्स’ में किया गया वृक्षारोपण। लगाए गए 1100 पौधे। फोर्टिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम के साथ मिलकर आयोजित की गई इस गतिविधि का उद्देश्य पर्यावरण को स्वस्थ बनाए रखने व उसके संरक्षण, सांस लेने के लिए स्वच्छ वायु की आवश्यकता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

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Written By: Anshumala | Published : August 18, 2019 11:16 AM IST

फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट ने डी एल एफ- द क्रेस्ट के निवासियों के साथ मिलकर स्वच्छ भारत, स्वच्छता अभियान के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 1100 पौधे लगाए। ‘अरावली हिल्स’ में आयोजित इस वृक्षारोपण पहल में 250 निवासियों ने हिस्सा लिया और तेजी से हो रहे वनों के कटान, प्रदूषण के कारण बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और आसपास मौजूद गंदगी जैसी समस्याओं पर जागरूकता बढ़ाई।

वनों के कटान के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को संवेदनशील बनाने और उन्हें पौधे लगाने के लिए जागरूक करने के इस अभियान का नेतृत्व फोर्टिस गुरुग्राम के न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. संदीप वैश्यु ने किया।डॉ. संदीप ने बताया, ’’मेरे 30 साल के करियर में लोग मेरे पास स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं लेकर आए हैं लेकिन पर्यावरण के कारण होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर आने वाले रोगियों की संख्या में पिछले 5 साल के दौरान काफी बढ़ोतरी हुई है। हमने श्वास संबंधी बीमारियों, सभी प्रकार के कैंसरों और फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ते हुए देखी है। ये सभी बीमारियां प्रत्यक्ष तौर पर प्रदूषण और जिस पर्यावरण में रहने की हमें आदत हो गई है, उससे संबंधित हैं। हमें अपने सोचने का तरीका बदलना होगा और अब प्रकृति को कुछ लौटाने की दिशा में कदम उठाने होंगे।’’

पृथ्वी का एक तिहाई हिस्सा वन्य क्षेत्र है। यह वायु में ऑक्सीजन, कार्बन डाई-ऑक्साइड और नमी के संतुलन को बरकरा ररखते हुए जलवायु को मॉड रेट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस क्षेत्र में जमीन पर रहने वाले पशुओं, पौधों, कीटों और विलुप्त हो चुके जीवों की 80 फीसदी से अधिक प्रजातियों का वास होता है। वनों के पारिस्थितिकी, स्वास्थ्य व सामाजिक लाभ होने के बावजूद दुनिया भर में व्यापक स्तर पर वनों का कटाव हो रहा है।भारत में बढ़ रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की एक बड़ी वजह यह भी है।

फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम की जोनल डायरेक्टर डॉ. ऋतु गर्ग ने बताया, ’’इस वृक्षारोपण गति विधि के जरिए हमारा उद्देश्या लोगों को यह बताना है कि पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन को सुधारना सभी के हाथों में है। हमारे शहर को रहने के लिए अच्छी जगह बनाना सभी की संयुक्त जिम्मेदारी है। अगर हम सभी हर साल एक पौधा लगाने का संकल्प लें तो हमारा समाज व उसके लोग ज्यादा स्वस्थ होंगे।’’

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