बजाज ऑटो के पूर्व चेयर पर्सन मधुर बजाज का निधन, 63 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

Madhur Bajaj Passed Away: बजाज ऑटो समूह के मधुर बजाज ने शुक्रवार सुबह 5 बजे के आसपास अंतिम सांसें लीं। बता दें कि, मधुर बजाज ने साल 2024 में हेल्थ से जुड़े कारणों से अपने पद से इस्तीफा दिया था।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : April 11, 2025 2:34 PM IST

Madhur Bajaj Death News: देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति और बजाज ऑटो के एक्स-चेयरपर्सन मधुर बजाज का निधन हो गया। मधुर बजाज का निधन शुक्रवार को हुआ। उनकी उम्र 63 साल थी। मिली जानकारी के अनुसार, मधुर बजाज का निधन मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में हुआ। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले स्ट्रोक आने के बाद उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था।

2 दिन पहले आया था स्ट्रोक

मिली जानकारी के अनुसार मधुर बजाज लम्बे समय से  हेल्थ कॉम्लिकेशन्स से जूझ रहे थे। उन्होंने साल 2024 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके पीछे उनकी बिगड़ती तबियत को ही कारण बताया गया। देश के सबसे अमीर लोगों में गिने जाने वाले मधुर बजाज ने बिजनेस जगत में एक खास पहचान बनायी है। मधुर बजाज उन लोगों में से हैं जिनके पास कम्पनी में हिस्सेदारी भी है। बजाज ऑटो लिमिटेड (Bajaj Auto Limited) भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की सबसे बड़ी और पुरानी कम्पनियों में से एक है। मधुर बजाज कम्पनी की गौरवशाली यात्रा में अपना महत्वपूर्ण योगदान भी दिया। वे इस्तीफे के बाद भी कम्पनी में गैर-कार्यकारी निदेशक के तौर भी जुड़े रहे।

लम्बे समय से बीमार थे मधुर बजाज

मधुर बजाज लंबे समय से कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्हें कुछ दिनों पहले ही स्ट्रोक आया था जिसके बाद उन्हें साउथ मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल (Breach Candy Hospital, Mumbai) ले जाया गया था। यहां वे डॉक्टरों की देखरेख में थे। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले मधुर बजाज को  स्ट्रोक आया था, जिसके बाद उनकी स्थिति गंभीर हो गयी थी। स्ट्रोक आने के बाद डॉक्टरों की टीम ने मधुर बजाज के स्वास्थ्य पर लगातार नज़र बनाए रखी। लेकिन, शुक्रवार 11 अप्रैल को सुबह करीब 5 बजे मधुर बजाज का निधन हो (Madhur Bajaj Death Cause)  गया।

पुरुषों में स्ट्रोक का रिस्क क्यों होता है अधिक ?

स्ट्रोक दुनियाभर में हर साल होने वाली मृत्यु की घटनाओं में दूसरा बड़ा और प्रमुख कारण है। वहीं, कुछ समय पहले एक स्टडी में यह बात सामने आयी कि पुरुषों में मिडिल एज वाली महिलाओं की तुलना में स्ट्रोक के मामले अधिक देखे जाते हैँ। वहीं, 85 साल से कम उम्र के अधिकांश पुरुषों में स्ट्रोक का खतराज्यादा होता है। भारतीय आबादी में भी स्ट्रोक का रिस्क काफी हाई है। स्ट्रोक आने का खतरा इन कारणों से बढ़ सकता है-

  • हाई ब्लड प्रेशर लेवल
  • मोटापा
  • अनियंत्रित डायबिटीज

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।