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Written By: Kishori Mishra | Published : September 2, 2020 12:17 PM IST
बिना किसी इलाज के दुनिया में पहली बार ठीक हुआ एचआईवी का मरीज
HIV and Immune System : एचआईवी का नाम सुनते ही आपके मन में टीवी और जगह-जगह दिखाने वाले प्रचार का चित्र उभर जाता होगा। बचपन से देख और सुन रहे प्रचार से आप अच्छी तरह जान चुके होंगे कि एचआइवी एक ऐसा संक्रमण है, जिसका इलाज नहीं है। इस संक्रमण को शरीर से पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता है। हालांकि, कुछ इलाज के जरिए इसके संक्रमण के प्रभाव को थोड़ा कम किया जा सकता है। लेकिन दुनिया में पहली बार एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर डॉक्टर भी काफी (HIV and Immune System) हैरान हैं।
दरअसल, एक मरीज एचआईवी से संक्रमित था, जो बिना किसी इलाज के ठीक हो गया है। इसका मतलब साफ है कि उस व्यक्ति के रोग प्रतिरोधक क्षमता ने एचआईवी के वायरस को पूरी तरह से खत्म कर दिया। यह बहुत ही हैरान करने वाली बात है, क्योंकि अब से पहले देखा गया है कि जो भी व्यक्ति एचआईवी से संक्रमित होता है, उसके अंदर प्राकृतिक रूप से प्रतिरक्षा क्षमता धीरे खत्म हो जाता है। ऐसे में एचआईवी का मरीज अन्य वायरस की चपेट में काफी जल्दी आ जाता है। एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति आसानी से बीमार पड़ जाते हैं, जिसके कारण इलाज करना काफी कठिन हो जाता है। ऐसी एचआईवी के मरीज को दवाइयों के (HIV and Immune System) सहारे ही जीना पड़ता है।
साइंस मैग्जीन नेचर में 26 अगस्त को एक रिपोर्ट प्रकाशित किया गया था। इस रिपोर्ट में बताया गया कि एक व्यक्ति एचआईवी से ठीक हो गया। डॉक्टर्स ने उस व्यक्ति के शरीर में मौजूद 150 करोड़ कोशिकाओं की जांच की गई, जिसमें एचआईवी के एक भी सक्रिय वायरस नहीं मिले। डॉक्टर ने इस मरीजा का नाम EC2 रखा है।
डॉक्टर्स ने इसी तरह एक अन्य व्यक्ति EC1 के शरीर की करीब 100 करोड़ कोशिकाओं की टेस्ट की। उस व्यक्ति के शरीर में सिर्फ एक सक्रिय वायरस पाया गया, जो आनुवांशिक रूप से निष्क्रिय है। इसका मतलब साफ है कि एचआईवी जैसे संक्रमण से ठीक हुए दोनों मरीजों के शरीर में ऐसा जेनेटिक्स है, जो एचआईवी के वायरस को नष्ट कर देता है। सबसे खास बात यह है कि दोनों मरीजों में एचआईवी से होने वाले नुकसान भी नहीं हुए हैं। दोनों मरीजों का पूरी तरह से जांच करने के बाद दोनों को एलीट कंट्रोलर्स नाम दिया गया है।
एलीट कंट्रोलर्स ऐसे मरीज को कहा जाता है, जिनके शरीर में एचआईवी के संक्रमण है, लेकिन वह निष्क्रिया हैं। या फिर उस व्यक्ति में वायरस की मात्रा इतनी कम है कि वह बिना किसी दवा के खुद-ब-खुद ठीक हो सकता है।
वैज्ञानिक इन दोनों मरीजों में मान कर चल रहे हैं कि दोनों के शरीर में एचआईवी के काफी कमजोर वायरस हो सकते हैं इसलिए शायद ये ठीक हुए हों। रिपोर्ट्स के अनुसार, वैज्ञानिकों ने यह जानने के लिए 64 एलीट कंट्रोलर्स मरीजों के शरीर में एचआईवी के संक्रमण का अध्ययन किया है। इसमें देखा गया है कि 41 मरीज एंटीरेट्रोवायरल नामक दवा का सेवन कर रहे थे, लेकिन EC2 एक ऐसा मरीज है, जिसने किसी भी तरह के दवा का सेवन नहीं किया है। इसके बावजूद भी उस व्यक्ति के शरीर में एचआईवी वायरस पूरी तरह से निष्क्रिय हो गया है।
यह अध्ययन कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के डेविड स्कूल ऑफ मेडिसिन में किया गया है। इस पर रिसर्च करने वाले सत्या दांडेकर ने कहा कि एचआईवी संक्रमण के दुनिया में करीब 3.50 करोड़ मरी जैं, जिसमें से 99.50 फीसदी ऐसे मरीज हैं, जिन्हें नियमित रूप से एचआईवी की दवा (एंटीरेट्रोवायरल) खानी पड़ती है, क्योंकि इस दवाई के बिना एचआईवी के संक्रमण को नियंत्रित करना लगभग नामुमकिन सा है।
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