गठिया (आर्थराइटिस) से लड़ने के ९ खाद्य पदार्थ

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Written By: Saumya Saraswat | Published : May 22, 2014 6:17 PM IST

arthritisऐसे बहुत से खाद्य पदार्थ हैं जो उत्तेजक प्रक्रिया को बढ़ा सकते हैं और गठिया के लक्षणों को बिगाड़ सकते हैं, पर बहुत से ऐसे खाद्य पदार्थ भी हैं जो गठिया से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद हैं। यह प्राकृतिक पदार्थ प्रभावी ढंग से गठिया के ३ प्रमुख लक्षण जो हैं - दर्द, सूजन और जलन - इनसे लड़कर उन्हें  रोक सकते  हैं।

१. सीफ़ूड
समुद्री खाद्य जैसे सामन, मैकेरल, ट्राउट और सार्डिन ओमेगा-3 फैटी एसिड के समृद्ध स्रोत हैं।और, नैदानिक रूप से सिद्ध किया गया है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड में विरोधी आमवाती क्रिया करने की ताकत है। यह प्रतिरक्षा को संतुलित रखने में और गठिया कारण हुई जलन और सूजन को काम करने में मदद करता है।

२. हरी पत्ता गोभी
कच्ची पत्ता गोभी खाना गठिया पीड़ित लोगों के लिए चमत्कारी हो सकता है। गोभी पकाते समय उसके बहुत से पोषक तत्व खो जाते हैं और उससे ज़्यादा लाभ नहीं होता। दूसरी ओर, कच्ची गोभी उच्च पोषक मूल्य प्रदान करने के अलावा रक्त शोधक यानी कि रक्त की तरह भी काम करती है। इमसें इण्डोल नामक एक यौगिक होता है जो हमारे शरीर की चयापचय (मेटाबोलिस्म) की प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न हुए विषाक्त पदार्थों को निष्प्रभावित कर देता है।

३. मिर्ची
इसके गठिया विरोधी गुण इसमें मौजूद एक सक्रिय संघटक क्याप्सैसिन के कारण हैं जो गठिया से सम्बंधित दर्द और सूजन को कम कर देता है। अध्ययन से पता चला है कि ८० प्रतिशत लोग जो ऑस्टियोआर्थराइटिस और रुमेटी गठिया से पीड़ित थे, क्याप्सैसिन-युक्त क्रीम कष्टप्रद जोड़ों पर मलने से उन्हें २ हफ़्तों में बहुत लाभ मिला।

५. चेरी
अपने आहार में चेरी शामिल करना गठिया रोकने का एक शानदार तरीका है। इनमें फ्लेवनॉइड्स होता है जो सूजन को रोकता है। फ्लेवनॉइड्स मुक्त कणों का खात्मा करने में, जोड़ों और मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करते हैं। हर रोज चेरी का सिर्फ एक कप खाने से यूरिक एसिड का स्तर, गाउट के लक्षण और बाकी गठिया की समस्याएं काम होती हैं।

५. ब्लूबेरी
चेरी की तरह ब्लूबेरी में भी फ्लेवनॉइड्स - एंथोसाइनिन और प्रो एंथोसाइनिन होते हैं जिनमें कोलेजन निर्माण और उसे मजबूत बनाने की क्षमता होती है साथ ही गठिया के सूजन को काम करने की भी शक्ति होती है।

६. केला
केला पोटैशियम का सबसे अच्छा स्त्रोत है। रुमेटी गठिया के रोगियों पर एक पायलट अध्ययन से पता चला कि पोटैशियम की उच्च मात्रा रोगियों के दर्द में कमी से जुड़ी है। पोटैशियम शरीर में सोडियम के अवधारण में, कैल्शियम और फॉस्फोरस के बीच संतुलन में सुधार, और बोन लोस्स को कम करने में मदद करता है।

७. लहसुन
लहसुन गठिया और ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए फायदेमंद साबित हो चुका है। अपने उत्तेजक विरोधी प्रभाव से यह सूजन कम करने में मदद करता है। इसमें दिअल्लील डाइसप्लफाइड नामक यौगिक होता है जो गठिया के लक्षण को कम करने के लिए एक संभावित प्रक्रिया प्रदान करता है।

८. ग्रीन टी
ग्रीन टी (चाय) में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पॉलीफेनोल्स होते हैं जो ऊतकों को नुकसान पहुंचाने वाले और सूजन पैदा करने वाले मुक्त कणों को मार देते हैं। यह रोग की प्रगती को कम करने के लिए भी जाना गया है।

९ . रेड वाइन
एक खुशखबरी है। हालांकि आपको शराब से परहेज़ करना चाहिए लेकिन अगर आप गठिया से पीड़ित हैं, कभी-कभी रेड वाइन पीना आपकी हालत को रिवर्स कर सकता है। रेड वाइन स्वाभाविक रूप से एक उत्तेजक विरोधी एजेंट है। इसमें रेस्वेराट्रोल नमक यौगिक मौजूद होता है जो गठिया से जुड़ा दर्द काफी काम कर सकता है।

सन्दर्भ
रस्तमानेश और उनके सहयोगी। हाइपोकलेमिक रोगी जो रुमेटी गठिया से पीड़ित थे, उनके उपचार में पोटेशियम की पूरकता का पायलट अध्ययन : एक यादृच्छिक, डबल ब्लाइंडेड, प्लेसिबो -नियंत्रित परीक्षण।
विलियम्स एफएम और उनके सहयोगी। आहार लहसुन और कूल्हे ऑस्टियोआर्थराइटिस : एक सुरक्षात्मक प्रभाव और ख्यात तंत्र की क्रिया का सबूत।
गठिया का रोकथाम और प्राकृतिक रूप से पूर्णतया बदल देना : रक़ील मार्टिन द्वारा अनटोल्ड स्टोरी

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