
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : January 22, 2024 7:51 PM IST
Food Allergy And Children's Growth: एक नयी स्टडी में यह पता चला है कि बचपन में होने वाली फूड एलर्जी से अस्थमा और फेफड़ों के काम करने की क्षमता कम हो सकती है। मर्डोक चिल्ड्रेन्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस स्टडी में पाया गया कि कम उम्र में फूड एलर्जी होने से अस्थमा का रिस्क बढ़ सकता है और इससे 6 साल की उम्र के आसपास फेफड़ों के विकास में रूकावट आ सकती है।
स्टडी में 5,276 शिशुओं को शामिल किया गया। इन सभी में मूंगफली और अंडों से होने वाली एलर्जी की जांच की गयी। इसके लिए उन्हें मूंगफली और अंडे खाने के लिए दिए गए और फूड एलर्जी टेस्ट किए गए। 6 साल की उम्र में इन सभी के लंग्स की कार्यक्षमता की भी जांच की गयी। इस स्टडी के परिणाम लांसेट चाइल्ड एंड एडोलेसेंट हेल्थ में प्रकाशित किए गए जिसमें बतया गया कि,
मर्डोक चिल्ड्रेन में एसोसिएट प्रोफेसर राचेल पीटर्स ने कहा, ”बचपन में होनेवाली फूड एलर्जी (जिसका इलाज हो चुका हो या नहीं) के कारण बच्चों में सांस लेने से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसा बचपन में फेफड़ों के विकास में रूकावट आने से हार्ट, श्वसन मार्ग और शरीर के अन्य अंगों से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।”
“लंग्स का विकास बच्चे की ऊंचाई और वजन से सीधा जुड़ा हुआ होता है और फूड एलर्जी वाले बच्चे बिना एलर्जी वाले बच्चों की तुलना में कमजोर, कम ऊंचे और कम वजन वाले हो सकते हैं। इससे फूड एलर्जी और फेफड़ों के कार्य के बीच संबंध को समझा जा सकता है। फूड एलर्जी और अस्थमा दोनों के विकास में एक जैसी प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाएं देखी जाती हैं।”