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Written By: Yogita Yadav | Updated : September 5, 2018 2:52 PM IST
बेहतर नींद के लिए जरूरी है नींद के लिए जरूरी माहौल। © Shutterstock
अस्त व्यस्त जीवन शैली और तनाव के कारण अगर आपकी भी पूरी नहीं हो पा रही है नींद तो अपनाएं ये टिप्स। इनसे न सिर्फ नींद पूरी होगी, बल्कि अगले दिन फ्रेश भी फील करेंगे।
व्यायाम
शारीरिक व्यायाम या मेहनत करने से अच्छी नींद आती है, क्योंकि इससे दर्द निवारक रसायन एंडोर्फिन निर्मित होता है। गहरी नींद लेने के पश्चात अगले दिन ज्यादा श्रम के लिए शरीर में ऊर्जा आ जाती है। नई स्फूर्ति और शक्ति प्राप्त होती है। इस प्रकार श्रम और विश्राम दोनों ही एक-दूसरे पर परस्पर निर्भर हैं। कई बार अनियमित कार्यों की वजह से भी नींद का समय बाधित होता है, इसलिए दिनचर्या में संतुलन जरूरी है। निश्चित समय पर सोना और निश्चित समय पर उठना सबके लिए जरूरी है।
सेट करें टाइम
शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक को रिसेट करने के लिए एक बार निर्णय कर लें कि आपको कितने बजे जागना है और कितने बजे सोना है? समय सेट करने में 3-4 दिन कठिनाई महसूस हो, किंतु शीघ्र ही शरीर और दिमाग इस पैटर्न के आदी हो जाते हैं।
ले रात की नींद
अच्छी नींद का सही समय रात का समय है। मेलाटोनिन नामक रसायन को बनाने के लिए अंधेरे की जरूरत होती है, जिससे नींद आती है। शाम के बाद मोबाइल और लैपटॉप स्क्रीन से दूर रहें। एलईडी स्क्रीन से निकली नीली प्रकाश किरणें जब आंखों पर पड़ती हैं, तो ब्रेन को सूचना मिलती है कि अभी दिन का वक्त है और मस्तिष्क दिग्भ्रमित हो जाता है और वह मेलाटोनिन का निर्माण नहीं कर पाता।
कम तापमान है बेहतर
सोने के लिए आपको अपना कमरा सामान्य से ज्यादा ठंडा रखना होगा। यदि दिन के वक्त आप 21-22 डिग्री तापमान पर सक्रिय रहती हैं, तो अच्छी नींद की खातिर तापमान 2-3 डिग्री कम होना चाहिए। 18, 19 और 20 डिग्री सेल्सियस पर हमारा ब्रेन आसानी से सो सकता है।
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गुनगुने पानी से धोएं पैर
गर्मी एक प्रकार की ऊर्जा है, जो सक्रियता व बेचैनी उत्पन्न करती है, शिथिल नहीं होने देती। गर्म पानी से स्नान करने के बाद या 15 मिनट पैदल चलकर ऊष्मा पैदा करने के बाद, जैसे ही ठंडे कमरे में आने पर तापमान घटना आरंभ होता है, गहरी नींद आने लगती है।
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चाय अल्कोहल से करें परहेज
शराब और कैफीन के असर से नींद डिस्टर्ब होती है। याद रखिए कि अल्कोहल सेडेटिव (संतोषजनक) नहीं है। चाहे कोई व्यक्ति कहे कि मुझे डिनर के बाद अल्कोहल लेने से नींद में कोई बाधा नहीं पड़ती, किंतु अध्ययन से पता चलता है कि उसकी नींद उथली रहती है। नींद तो आती है, मगर सुबह वैसी ताजगी और स्फूर्ति प्राप्त नहीं होती, जैसी होनी चाहिए।
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रीडिंग हेबिट है अच्छी
यदि किसी रात 20 मिनट तक नींद नहीं लगी, तो दूसरे कमरे में चले जाएं। वहां हल्की रोशनी जलाएं। आपकी साहित्यिक रुचि है, तो कुछ पढ़ लें। अथवा मधुर संगीत का आनंद लें। जब नींद आने लगे, तब अपने कमरे में वापस लौटें। रात को कभी उत्तेजक संगीत न सुनें। विवादास्पद विषयों पर चर्चा न करें। चिंता करते हुए न सोएं, इससे भी नींद प्रभावित होती है।