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Written By: Gulshan Kumar | Updated : March 5, 2024 9:31 PM IST
What is Vantara
क्या आपने हाथियों को कभी जकूज़ी और मसाज लेते हुए देखा है? जी हां अब आप गुजरात के जामनगर में हाथियों को पूरी लग्जरी लाइफ जीते हुए देख सकते हैं। भारत के जाने माने उद्योगपति और एशिया के सबसे अमीर सख्स मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी ने हाल ही में एक नए प्रोजेक्ट को दुनिया के सामने रखा है। जिसे वनतारा नाम दिया गया है। जी हां अनंत अंबानी के वनतारा में आप जानवरों के ठाठ बाट देखकर आपके होश उड़ सकते हैं। बीते 1 मार्च से लेकर 3-4 मार्च तक जामनगर में चले प्री वेडिंग कार्यक्रम से पहले अनंत ने अपने इस प्रोजेक्ट को लॉन्च किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 3000 एकड़ जमीन पर फैले इस वन क्षेत्र की पूरी व्यवस्था रिलायंस इंडस्ट्रीज के द्वारा की जा रही है। वनतारा जानवरों के लिए बनाया गया देश का पहला इस तरह का प्रोजेक्ट है। हालांकि इस प्रोजेक्ट में हजारों की संख्या में जानवरों का पुनर्वास किया गया है। जिसमें लगभग 200 हाथी भी शामिल हैं। इस वनक्षेत्र में न केवल देशी बल्कि विदेशी जानवरों को भी रखा गया है। जहां उनका पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
वनराज की लॉन्चिंग पर मीडिया से बात करते हुए अनंत अंबानी ने कहा, यह बहुत छोटी उम्र से ही मेरी सपना था, लेकिन अब वनतारा मेरे जीवन का एक मिशन बन गया है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से हमारा सबसे ज्यादा ध्यान संकटग्रस्त प्रजातियों को बचाने पर है। इस मिशन में हमारे साथ देश और विदेश के बहुत से जानवरों के चिकित्सक और आहार विशेषज्ञ शामिल हैं। वनतारा जानवर रिहैबिलिटेशन क्षेत्र केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण और अन्य सरकारी संगठनों के साथ पार्टनरशिप में काम करता है।
वनतारा क्षेत्र में हाथियों के शेल्टर के लिए विशेष प्रबंध किया गया है। जिसमें हाथियों के नहाने के लिए कई जगहों पर जलाशयों का निर्माण किया गया है। वनतारा में हाथियों के नहाने के लिए जकूज़ी और मसाज का भी प्रबंध किया गया है। 200 हाथियों का ख्याल रखने के लिए वनतारा में 500 से अधिक प्रशिक्षित कर्मचारियों को रखा गया है। जिसमें साफ-सफाई करने वालों से लेकर महावत तक शामिल हैं।
वनतारा में हाथियों के लिए एक डेडिकेटेड अस्पताल का भी निर्माण किया गया है। जिसमें एक्स-रे मशीन, लेजर मशीन, हाइड्रोलिक पुल/क्रेन, हाइड्रोलिक सर्जीकल और ऑक्सीजन चेंबर शामिल है। 25 हजार वर्ग फीट में फैले इस अस्पताल में केवल हाथियों का ही इलाज किया जाता है। इसके अलावा 1 लाख वर्ग फीट भूमि पर एक और अस्पताल का निर्माण किया गया है जिसमें बाकी सभी जानवरों का इलाज किया जाता है।