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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम मन की बात में ई-सिगरेट्स ( E-Cigarettes)और फिट इंडिया ( Fit India Movement) जैसे विषयों पर बात की। मोदी ने कहा कि हाल ही में जो ई-सिगरेट पर पाबंदी (Ban on E-Cigarettes) लगायी गयी है वह देशवासियों और खासकर युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य को सुरक्षित बनाने का काम करेगा।
मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि, हम सभी जानते हैं कि तम्बाकू का नशा, सेहत के लिए, बहुत नुकसानदायक होता है और उसकी लत छोड़ना भी बहुत मुश्किल हो जाता है। तम्बाकू का सेवन करने वाले लोगों को कैंसर, डायबिटीज़ (diabetes) और ब्लड प्रेशर ( blood pressure) जैसी बीमारियों का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है। तम्बाकू से नशा उसमें मौजूद निकोटिन के कारण होता है। किशोरावस्था में इसके सेवन से दिमाग का विकास भी प्रभावित होता है।
प्रधान मंत्री ने कहा कि, ई-सिगरेट भी उतनी ही नुकसान दायक है जितनी आम सिगरेट। साधारण सिगरेट में जहां तम्बाकू पाउडर रुप में मिलाया जाता है वहीं ई-सिगरेट में निकोटिन युक्त पदार्थ को तरल रुप में भरा जाता है। मोदी ने कहा कि, सामान्य सिगरेट के खतरों को जहाँ हम सब भली-भांति समझते हैं, वहीं, ई-सिगरेट के बारे में एक गलत धारणा पैदा की गई है। ये भ्रान्ति फैलाई गई है कि ई-सिगरेट से कोई खतरा नहीं है। बाकी सिगरेट की तरह इससे दुर्गन्ध न फैले, इसके लिए, इसमें सुगन्धित रसायन तक मिलाए जाते थे।
उदाहरण देते हुए मोदी ने कहा कि अगर घर में पिता चेन स्मोकर है तो भी, वो, घर के बाकी लोगों को स्मोकिंग से मना करता है। वो व्यक्ति जानता है कि स्मोकिंग से या तम्बाकू के सेवन से शरीर को भारी नुकसान होता है। प्रधान मंत्री ने सलाह दी गयी परिवार के तौर पर धूम्रपान को रोकने और उसका बहिष्कार करना होगा। बच्चों को फुसलाने या उनके मनोरंजन के लिए कभी भी उनके सामने सिगरेट पीने या धुआं उड़ाने जैसे करतब कितने नुकसान दायक साबित हो सकते हैं, उसका भी ज़िक्र मोदी ने किया।
इसके अलावा मोदी ने फैशन स्टेटमेंट के तौर पर ई-सिगरेट पीने की आदत को पैसे की बर्बादी और अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ बताया। प्रधान मंत्री ने आग्रह किया कि तम्बाकू के व्यसन को छोड़ दें और ई- सिगरेट को लेकर कोई गलत फहमी न पालें।
मोदी ने यह भी कहा कि जो लोग फिट इंडिया का हिस्सा बनना चाहते हैं, उन्हें स्मोकिंग छोड़ने जैसी अच्छी आदतें अपनानी चाहिए। उनके मुताबिक केवल जिम या मैदान में जाकर पसीना बहाने और कसरत करने से ही सेहत अच्छी नहीं होती। नशे की लत पर काबू पाना लोगों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।