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UP में पहली बार रोबोटिक सर्जरी से हुआ थायरॉयड कैंसर का ऑपरेशन, बिना चीरा लगाए निकाली गई मरीज के गले से गांठ

चार घंटे के ऑपरेशन में बिना चीरा लगाए मरीज के गले में कैंसर वाली थायरायड ग्रंथि समेत कई गांठों को सफलतापूर्वक निकाल दिया।

UP में पहली बार रोबोटिक सर्जरी से हुआ थायरॉयड कैंसर का ऑपरेशन, बिना चीरा लगाए निकाली गई मरीज के गले से गांठ

Written by Sadhna Tiwari |Updated : January 15, 2023 1:57 PM IST

First Robotic surgery of Thyroid cancer: उत्तर प्रदेश में थायरॉयड कैंसर के इलाज से जुड़ी एक बड़ी सफलता हासिल की गई है। यहां थायरॉयड कैंसर से पीड़ित एक मरीज की सफल रोबोटिक सर्जरी की गई। ऐसा पहली बार हुआ है जब रोबोटिक सर्जरी की मदद से थायरॉयड कैंसर (thyroid cancer) का इलाज किया गया।

मिली जानकारी के अनुसार, संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (Sanjay Gandhi Postgraduate Institute of Medical Sciences) में इस 21 वर्षीय मरीज का इलाज अस्पताल के डॉक्टरों ने रोबोटिक सर्जरी की मदद से किया। पीड़ित एक 21 वर्षीय महिला है जिसे  पैपिलरी थायरॉयड कैंसर था और रोबोटिक सर्जरी की मदद से महिला का ऑपरेशन किया गया जो सफल रहा।

अस्पताल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह भारत की ऐसी पहली सर्जरी है जहां एक सरकारी संस्थान में रोबोटिक सर्जरी की मदद से एक कैंसरयुक्त  को पूरी तरह से हटाया गया। मरीज प्रयागराज की रहने वाली है और इस महिला के गले में गांठ बन गई थी, जिसके बाद उसकी जांच की गई और कमला नेहरू कैंसर अस्पताल द्वारा इस ट्यूमर की पुष्टि की गई।

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बिना चीरा लगाए किया गया ऑपरेशन

SGPIMS अस्पताल में रोबोटिक थायरॉयड सर्जन डॉ. ज्ञान चंद ने बताया, इस महिला के गले में थायरॉयड ग्लैंड में एक गांठ बन गई थी और इसका आकार लगातार बढ़ रहा था। चूंकि यह केस काफी गम्भीर था और ऐसे मामलों में गले में चीर लगाए बिना या कट किए बिना सर्जरी कर पाना आसान नहीं होता। स्थिति को देखते हुए महिला मरीज को  लखनऊ के अस्पताल में रेफर कर दिया गया था।

प्रयागराज स्थित कमला नेहरू कैंसर अस्पताल में शुरूआती टेस्ट के बाद डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि यह गांठ घातक है।कॉम्प्लिकेशन्स बहुत थीं और इसीलिए बिना कट लगाए ऑपरेशन कर पाना मुश्किल था। वहीं, कमला नेहरू अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीजो को एसजीपीजीआई, लखनऊ के पास रेफर कर दिया। हालांकि, राहत की बात यह है कि, बाद में जरूरी जांच के बाद डॉक्टरों को पता चला कि महिला को पैपिलरी थायरॉयड कैंसर है, जिसे रोबोटिक मेथड  की मदद से से हटाया जा सकता है।

महिला मरीज के परिवार की सहमति के बाद डॉक्टर ज्ञान और उनकी टीम ने बिना चीरा लगाए मरीज के गले में स्थित कैंसर वाली थायरॉयड ग्रंथि और अन्य कई गांठों को निकाला। इस ऑपरेशन में 4 घंटे का समय लगा और ऑपरेशन सफल रहा। मिली जानकारी के अनुसार अब महिला मरीज बिल्कुल ठीक है।

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(आईएएनएस)