दिल्ली में आया मंकीपॉक्स का पहला मामला, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती है व्यक्ति

Monkeypox Virus in Delhi: दुनियाभर के कई देशों में तेजी से फैलता मंकीपॉक्स वायरस अब दिल्ली में भी दस्तक दे चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है।

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Written By: Pallavi Kumari | Updated : July 24, 2022 12:28 PM IST

मंकीपॉक्स वायरस दुनियाभर के देशों में तेजी से चुका है और भारत (Monkeypox India) में भी इस महामारी ने अपनी दस्तक दे दी है। पहले जहां केरल में मंकीपॉक्स के तीन मरीजों की पुष्टि हो चुकी है वहीं, अब दिल्ली में भी मंकीपॉक्स का एक मामला सामने आया है। जी हां, खबर है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के एक 31 वर्षीय व्यक्ति मंकीपॉक्स (First Monkeypox case reported in Delhi) से पीड़ित है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वह व्यक्ति हाल ही में हिमाचल प्रदेश के मनाली में एक स्टेज पार्टी में शामिल हुआ था।

पश्चिमी दिल्ली के रहने वाले व्यक्ति को करीब तीन दिन पहले यहां के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने के बाद भर्ती कराया गया था। उसके बाद उसके नमूने को शनिवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) पुणे भेजा गए था,  जहां ये नमूना मंकीपॉक्स पॉजिटिव पाया गया है।

विदेश यात्रा का कोई इतिहास नहीं है

सूत्रों की मानें तो, इस व्यक्ति में विदेश यात्रा का कोई इतिहास नहीं है। हालांकि, अब इसकी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। ताकि इस बात का पता चल सके है कि ये व्यक्ति अब तक कितने लोगों के संपर्क में रहा है और कहां-कहां और किन्हें मंकीपॉक्स वायरस का खतरा है। भारत में इस बीमारी का यह चौथा मामला सामने आया है। बाकी तीनों केस केरल से हैं जहां ये तीनों व्यक्ति विदेश यात्रा लौटे थे। केरल में मंकीपॉक्स का पहला मरीज कोल्लम में 12 जुलाई को मिला था। दूसरा केस अगले ही दिन कन्नूर में सामने आया, जो कि दुबई से आया था और तीसरा यूएई से 6 जुलाई को मलप्पुरम लौटा था।

गौरतलब है कि भारत में पिछले 8 दिन के भीतर वायरस के चार मामले सामने आए हैं। तीनों विदेश से यात्रा करके लौटे थे। पर अब इस चौथे मामले ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिरकार ये महामारी कहां और किस-किस तक फैल चुकी है। इसी बीच डब्ल्यूएचओ ने शनिवार को मंकीपॉक्स को अंतरराष्ट्रीय चिंता का वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित(Monkeypox officially becomes a global health emergency) किया था।

बचाव की है जरुरत

बता दें कि मंकीपॉक्स वायरस संक्रमित जानवरों से मनुष्यों में अप्रत्यक्ष या सीधे संपर्क से फैल सकता है। ऐसे में मानव-से-मानव संक्रमण की स्थिति संभव है। इसके अलावा संक्रामक त्वचा या घावों के सीधे संपर्क में आने भी ये फैल सकता है। साथ ही श्वसन की बूंदों से भी ये वायरस फैल सकता है। इसलिए बचाव के लिए किसी भी बीमार व्यक्ति से दूर रहें। अपनी पर्सनल हाइजीन का खास ध्यान रखते हुए चीजों को शेयर करने से बचें।

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